शहरी विकास कार्यों में तेजी लाएं, नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराएं और लंबित योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
नालंदा परिसर के निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन नालंदा परिसर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण वर्तमान में प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री ने परिसरों में प्रस्तावित सीटों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना के तहत शहरों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात संबंधी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। वहीं, नागरिक-केंद्रित और सुनियोजित शहरी विकास के लिए आदर्श शहर समृद्धि योजना के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बैठक में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रायपुर के प्रदर्शन की भी जानकारी दी गई। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने, नए उद्यान विकसित करने और कम वृक्षों वाले क्षेत्रों की पहचान कर व्यापक वृक्षारोपण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की समीक्षा के दौरान उन्होंने पात्र हितग्राहियों को जल्द पक्के मकानों का लाभ दिलाने के लिए आवास आवंटन और व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी है। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत आवश्यक अधोसंरचना का काम मार्च 2027 से पहले पूरा कर ई-बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि ई-बस सेवा से आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताते हुए लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन पर भी योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि सतत योजना के तहत प्रदेश के आठ नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं का असर धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राजस्व और कर संग्रह बढ़ाने तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकायों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने को कहा।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










