उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शिकारपुर गांव निवासी एक मौलवी को तीसरी पत्नी की चाहत के कारण जान से हाथ धोना पडा। मौलवी के तीसरा निकाह करने की तैयारी की जानकारी मिलने पर पहली पत्नी ने गुप्तांग पर छुरी मार दिया, जिससे मौलवी की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में पत्नी हाजरा को आला कत्ल में इस्तेमाल की गई छुरी के साथ गिरफ्तार कर लिया।
भौराकलां थानाध्यक्ष जीतेंद्र तेवतिया ने बताया कि उन्हें एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने और उसे दफनाने का प्रयास की जानकारी मिली। पुलिस पहुंची तो देखा एक अधेड़ व्यक्ति के शरीर पर चोट के निशान हैं। पुलिस ने घटना संदिग्ध मानते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान और गुप्तांग पर गहरा घाव होने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मृतक वकील अहमद की पत्नी हाजरा से सख्ती से पूछताछ की। हाजरा ने हत्या की बात स्वीकारते हुए बताया कि मृतक ने दो शादी कर रखी थी। अब तीसरी शादी की तैयारी कर रहा था। पहली शादी हाजरा के साथ की थी, जिसके चार विवाहित व एक अविवाहित पुत्री है। दूसरी शादी अन्य महिला से की थी, जो उसे छह माह पहले छोड़कर चली गई थी। वह बार-बार तीसरी शादी की बात कह रहा था, जबकि हाजरा का कहना था कि पहले उसकी अविवाहित पुत्री की शादी होगी। इस विवाद में दोनों में झगड़ा हो गया और पत्नी ने उसके साथ मारपीट करते हुए उसके गुप्तांग पर छुरी से हमला कर दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। वकील अहमद पड़ोस के भौरा खुर्द गांव में एक मस्जिद में मौलवी था।









