आप लोगों ने पीले रंग के कछुआ की कल्पना भी नहीं की होगी, लेकिन यह सौ फीसद सही है। गत दिनों भारत में पीले रंग का दुर्लभ कछुआ पाया गया। दरअसल देश के ओडिशा राज्य के बालासोर जिले में दुर्लभ पीले रंग के कछुए को रेस्क्यू किया गया है। बाद में इसे वन विभाग को सौंप दिया गया। जीव विज्ञानियों का मानना है कि यह एक दुर्लभ कछुआ है। वहीं लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा कछुआ आज से पहले कभी नहीं देखा था।
जीव विज्ञानियों के मुताबिक पीला-बेलदार स्लाइडर एक भूमि और जल कछुआ है। यह परिवार एमाइडिडे से संबंधित है। तालाब स्लाइडर की यह उप-प्रजातियाँ दक्षिण-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका की मूल निवासी हैं। विशेष रूप से फ्लोरिडा से दक्षिण-पूर्वी वर्जीनिया तक और इसकी सीमा में सबसे आम कछुए की प्रजातियाँ हैं।
भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी, सुशांत नंदा ने छोटे कछुए का एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें लिखा था कि शायद यह एक अल्बिनो था। उन्होंने एक जहाज के अंदर पानी में तैरते हुए कछुए का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने लिखा, “कुछ वर्ष पहले सिंध में स्थानीय लोगों द्वारा इस तरह के एक कछुए का रेस्क्यू किया गया था।” उन्होंने कहा गुलाबी आंखें ऐल्बिनिज़म की एक सांकेतिक विशेषता है।
ट्विटर पर कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पहले कभी पीले रंग का कछुआ नहीं देखा था। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘मुझे लगता है कि यह ऐल्बिनिज़म है। हम अन्य जानवरों में भी ऐसा ही देखते हैं। हाल ही में उन्होंने काज़ीरंगा में एक अल्बिनो बाघ पाया।’ एक यूजर ने लिखा, “कुछ भी नया नहीं है, यह एक अल्बिनो इंडियन फ्लैपशेल कछुआ है। ये कछुए पूरे भारत में पाए जाते हैं। हालांकि यह विशेष रूप से बहुत ही खास है क्योंकि 10,000 शिशुओं में से केवल एक में ही एल्बिनो होता है।’
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