अमेरिका के ब्रिघम एवं महिला अस्पताल के एक नए अध्ययन के अनुसार, कार्डियोवास्कुलर और थोरासिक प्रक्रिया के बाद महिलाओं और कम आय क्षेत्रों के रोगियों की मौत का ज्यादा खतरा रहता है। अध्ययन के निष्कर्षों को ‘जर्नल आफ थोरासिक एंड कार्डियोवास्कुलर सर्जरी” में प्रकाशित किया गया है।
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि पुरुषों के मुकाबले महिला रोगियों को तत्काल इस प्रक्रिया की जरूरत होती है और सर्जरी के समय उनका स्वास्थ्य अत्यंत कमजोर रहता है। सेंटर फार सर्जरी एंड पब्लिक हेल्थ एंड डिवीजन आफ कार्डिक सर्जरी के एमडी और प्रमुख शोधकर्ता पैगे नेवेल ने कहा, ‘कार्डिएक सर्जरी में हमारे सामने अभी तक असमानताएं आई हैं। हमने विचार किया था कि समाधान के लिए जितना कुछ किया जा सकता है हम करेंगे उससे भी कहीं ज्यादा असमानताएं आईं। हमें उम्मीद थी कि हम यह रिपोर्ट करने में सक्षम होंगे कि असमानताओं में सुधार हुआ है, लेकिन पांच प्रकार की कार्डिएक सर्जरी के हमारे राष्ट्रीय अध्ययन से हमें पता चलता है कि असमानता की खाई पाटने के लिए और भी ज्यादा प्रयास की जरूरत है।”
अध्ययन के सह लेखक डिवीजन आफ कार्डिक सर्जरी के एमडी त्सुयोशी कानेको ने कहा, ‘हमारे अध्ययन से पता चलता है कि महिलाओं और कम आय वाले रोगियों के लिए असमानता का परिणाम ज्यादा घातक है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि हम सामाजिक स्तर पर किस तरह और क्या कर सकते हैं। अभी तक हम केवल सतह ही देख रहे हैं। स्वास्थ्य निष्पक्षता के बारे में और भी बहुत कुछ समझने की जरूरत है। साथ ही यह समझना जरूरी है कि लैैंगिक विभेद, सामाजिक आर्थिक स्थिति और रोगी के परिण्ााम आपस में किस तरह जुड़े हैं।”










