छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पूजा-अर्चना के दौरान अचानक आग लग गई। नववर्ष के मौके पर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। इसी दौरान दिया जलाते समय मन्नत के धागों और चुनरियों में आग लग गई, जो देखते ही देखते फैलने लगी।
आग की लपटें उठते ही मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालु घबराकर इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि मौके पर तैनात पुलिस बल और मंदिर समिति के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग श्रद्धालुओं की लापरवाही के कारण लगी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और मंदिर परिसर को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा।
उल्लेखनीय है कि नए साल के पहले दिन माँ महामाया मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। मंदिर के पट खुलते ही माता के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। सरगुजा अंचल के प्रमुख शक्तिपीठ में दूर-दराज़ से आए हजारों श्रद्धालुओं ने नववर्ष की शुरुआत माता के चरणों में शीश नवाकर की। प्रशासन और मंदिर समिति की संयुक्त व्यवस्था से हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहे।










