नई दिल्ली/रायपुर, 24 जून 2026।छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र बन चुके हैं, जिन्होंने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश के वन क्षेत्रों में दुर्लभ जड़ी-बूटियों की उपलब्धता और जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत मौजूद है। ऐसे में यहां AIIA की स्थापना आयुर्वेदिक अनुसंधान और चिकित्सा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संस्थान की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, अध्यापन और शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे राज्य को स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल राज्य बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और अधोसंरचना विस्तार की जानकारी भी साझा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
*नई दिल्ली/रायपुर, 24 जून 2026।*
छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र बन चुके हैं, जिन्होंने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश के वन क्षेत्रों में दुर्लभ जड़ी-बूटियों की उपलब्धता और जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत मौजूद है। ऐसे में यहां AIIA की स्थापना आयुर्वेदिक अनुसंधान और चिकित्सा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संस्थान की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, अध्यापन और शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे राज्य को स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल राज्य बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और अधोसंरचना विस्तार की जानकारी भी साझा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।










