रायपुर, 21 अक्टूबर 2024: नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम भिलाई, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल प्राधिकरण और भारत पेट्रोलियम के बीच त्रिपक्षीय कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना के तहत जामुल में बायोगैस प्लांट की स्थापना होगी।
इस अवसर पर दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल के सीईओ सुमित सरकार, बीपीसीएल के बायोफ्यूल हेड अनिल कुमार पी., और नगर निगम भिलाई के कमिश्नर बजरंग दुबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस प्लांट के लिए भारत पेट्रोलियम 60 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। प्लांट के जरिए भिलाई और आसपास के इलाकों से प्रतिदिन लगभग 150 मिट्रिक टन ठोस अपशिष्ट का उपयोग जैव ईंधन उत्पादन में किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 30 हजार मानव दिवस का रोजगार भी सृजित होगा।
संयंत्र से उत्पन्न जैविक खाद का उपयोग जैविक खेती को बढ़ावा देगा और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाएगा। इससे पर्यावरण स्वच्छ होगा और छत्तीसगढ़ नेट जीरो इमिशन की दिशा में आगे बढ़ेगा।










