रायपुर, 24 फरवरी 2026।छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आत्मनिर्भर और विकसित राज्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट को उन्होंने संतुलित, जनोन्मुखी और विकास आधारित बताया। साथ ही वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंत्री ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित प्रावधान वाला यह बजट राज्य की आर्थिक संरचना को मजबूत करते हुए निवेश, औद्योगिक विस्तार और व्यापक रोजगार सृजन की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। प्रदेश की लगभग 60 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए उद्योग और सेवा क्षेत्र के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 रोजगार केंद्रित है। बीते वर्ष लगभग 1,000 उद्योगों को उत्पादन प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनसे 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ और 15 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बने। इसे राज्य में निवेश अनुकूल माहौल का संकेत बताया गया।
प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें मटीया (कसडोल), बिरकोनी (महासमुंद), छाती (धमतरी) और बनगांव-बी (पत्थलगांव) जैसे क्षेत्र शामिल हैं। नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लैंड बैंक तैयार करने हेतु 200 करोड़ रुपये तथा उद्योगों को अनुदान और प्रतिपूर्ति के लिए 750 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
धमतरी जिले के कचना में 17 एकड़ क्षेत्र में चार मंजिला प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सुविधा प्रदान करेगी। ग्राम तूता, नवा रायपुर अटल नगर में कन्वेंशन सह एक्जिबिशन सेंटर के लिए 25 करोड़ रुपये, भिलाई में व्यावसायिक परिसर के लिए 10 करोड़ रुपये और पटेवा (राजनांदगांव) में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर अटल नगर और राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल फैसिलिटेशन कॉम्प्लेक्स के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
राज्य सरकार द्वारा रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और जापान के ओसाका में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक विश्वास का संकेत बताया।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सिंगल विंडो सिस्टम और जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारों से उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार किया गया है। वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 1,750 करोड़ रुपये हो गया है।
मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि औद्योगिक प्रगति, निवेश संवर्धन और रोजगार विस्तार के माध्यम से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस रोडमैप है।









