बीजापुर ज़िले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम के हालत बद से बत्तर हो चुकी हैं। लाइट के गुल होने के बाद अस्पताल में उपचार मोबाईल टार्च के जरिये किया जा रहा हैं। वही लेबर रूम में स्टॉफ नर्स मोबाईल के जरिये प्रसव करवा रही हैं। जनरेटर दो साल से ख़राब हैं और सौर पैनल तो लगा है लेकिन वह ज्यादा तर ख़राब रहता है। अब स्वस्थ अमला का कहना है नये जनरेटर आया मगर अभी चालू नहीं है
बीजापुर ज़िला मुख्यालय से 53 किलो मीटर दूर छत्तीसगढ़ सीमा से लगा हुआ जंहा महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा है। भोपाल पटनम में लगभग पूरी रात बिजली गुल हो जाना आम है। ऐसे में मरीजों का इलाज और प्रसव का समय आता हैं तो स्वास्थ्य कर्मियों को अपने मोबाइल टार्च या मोमबत्ती की रौशनी के सहारे चिकित्सा संबंधी सेवाएं देनी पडती हैं। जनरेटर के आभाव में वेक्सीन भी हो रही ख़राब। बिजली जाने के बाद अस्पताल में अधेरा छा जाता हैं। फ्रिजरो में टिटनेस, बच्चों को लगने वाली वेक्सीन भी ख़राब हो रही हैं। वेक्सीन को ठन्डे जगह फ्रिज में रखना होता हैं। भोपाल पटनम बीएमो का कहना है नया जनरेटर आय आया है, मगर इंस्टॉलेशन करने के लिए अभी इंजिनियर नहीं आया है।
जब भोपाल पटनम सामुदायिक स्वस्थ केंद्र के बारे में सीएमएचोओ बीजापुर डॉ बीआर पुजारी ने बताया कि सीबीसी मशीन खराब होने की बात सामने आई है। वहां दो मशीने हैं, जिससे जाँच किया जा रहा है। टाइफाइड किट भी उपलब्ध कर दी गई है। भोपाल पटनम में इंफ्रास्ट्रक्चर का इशू है। बिजली भी सुधारा जा रहा है। जनरेटर को भी इंस्टॉलेशन भेजा गया, ज़िसे ठीक किया जा रहा है। मगर, बीजापुर जैसे दूरस्थ अंचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन को गंभीर होना चाहिए जिससे मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके।










