भिलाई ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले युवकों को मंत्रालय और अन्य विभागो में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ठगी का मास्टर माइंड अर्जुन मानिकपुरी की गिरफ्तारी और उससे पूछताछ के बाद और भी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने आरोपियों से दो गाड़ियां, एस-क्रॉस और मोबाइल बरामद किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ( शहर ) सुखनंदन राठौर ने बताया कि तिवेन्द्र कुमार सिन्हा निवासी ग्राम रावा तहसील तरसीवा धतमरी अर्जुनी ने अपने अन्य पीड़ित साथियों के साथ सुपेला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दुर्वासा दास मानिकपुरी उर्फ अर्जुन उर्फ गोलू निवासी सुपेला ने अन्य साथियों के साथ मिलकर मंत्रालय एवं अन्य विभागो में नौकरी लगाने के नाम से पैसे लेकर धोखाधड़ी की है। इस शिकायत पर थाना सुपेला में धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस की टीम आरोपी अर्जुन मानिकपुरी की तलाश में लग गई। इस दौरान मुखबीर से सूचना मिली कि आरोपी अर्जुन मानिकपुरी सुपेला आया है। आरोपी अर्जुन मानिकपुरी को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
आरोपी ने पूछताछ में माना कि तिवेन्द्र से 7,10,000 रूपये के अलावा करीब 15-20 लोगों से अन्य साथियों के साथ मिलकर करीब 71 लाख रूपये की ठगी की है। मुख्य आरोपी दुर्वासा उर्फ अर्जुन उर्फ गोलू मानिकपुरी को सुपेला से 4 अप्रैल को गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किया। उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की गई।
आरोपी अर्जुन मानिकपुरी के निशादेही पर आरोपी तरूण कश्यप निवासी ग्राम-कन्हरी पोस्ट गोरखपुर जिला गौरेला पेण्ड्रा मारवाही को रायपुर से एवं आरोपी हरि विवेक डहरिया निवासी प्रेम नगर रायपुर को राजनांदगांव से और आरोपी किशोर जायसवाल निवासी टिकरापारा रायपुर को गिरफ्तार किया। आरोपी हरि विवेक डहरिया के विरूद्ध पूर्व में भी थाना अम्बागढ़ चौकी राजनांदगांव एवं थाना राजेन्द्र नगर रायपुर में भी धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध है। आरोपियों से जब्ती कार्रवाई के लिए तीन दिन की पुलिस रिमाण्ड में लिया गया है।










