Google Analytics Meta Pixel बच्चों को मोबाइल की लत से छुटकारा दिलाने छत्तीसगढ़ कर रहा जागरूक - Ekhabri.com

बच्चों को मोबाइल की लत से छुटकारा दिलाने छत्तीसगढ़ कर रहा जागरूक

 

मोबाइल के नशे से बच्चों का बचाव, चुनौतियां और समाधान

रायपुर। बच्चों में नशे की बढ़ती आदतें न सिर्फ उनसे उनका बचपन छीन रही हैं, बल्कि उनका जीवन भी छीन रही हैं। नयी जीवन शैली में बहुत कुछ ऐसी चीजें शामिल होती जा रही हैं, जो सुविधाएं देने के साथ-साथ नये खतरे भी निर्मित कर रही हैं। इन्हीं में से एक मोबाइल फोन भी है। विगत कुछ वर्षों में स्मार्ट फोन का प्रयोग काफी बढ़ा है। कोरोना महामारी के दौरान आॅनलाईन शिक्षा व्यवस्था के कारण मोबाइल के उपयोग से बच्चे और अधिक परिचित हो गये हैं। बच्चे पिछले कुछ समय में जाने अंजाने में ही मोबाइल के नशे के शिकार हो गये हैं। कुछ माता-पिता अपने बच्चों को खाना खिलाते समय बहलाने के लिए या अन्य कार्यों में व्यस्त होने पर बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा देते हैं। जहां एक ओर मोबाइल के सदुपयोग से होने वाले कतिपय लाभ से इंकार नहीं किया जा सकता, वहीं दूसरी ओर सीमा से अधिक उपयोग के कारण मोबाइल की लत लग जाने से बच्चों में कुछ गंभीर परिणाम दिखाई दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों को नशे की आदत से बचाव को गंभीरता से लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा लगातार पाम्पलेट, कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं बच्चों को नशे की लत से दूर करने प्रभावी उपायों के लिए विचार-मंथन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में ह्यबच्चों का नशे की आदत से बचाव चुनौतियां व समाधानह्ण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने यहां छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वस्थ्य और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई और नशे के खिलाफ अभियान को विस्तार देने की बात कही। मुख्यमंत्री नशे के प्रति जागरूकता बनाने ब्रोशर और ह्यलइका मन के गोठह्ण पुस्तिका भी लोगों के समक्ष लेकर आए।

Read Also  छत्तीसगढ़ के जलाशयों में औसतन 50% जलभराव, कई हुए लबालब

मोबाइल के लगातार प्रयोग व नशे के दुष्परिणाम

 

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मोबाइल के विद्युत चुम्बकीय विकिरण के कारण मस्तिष्क की गतिविधियों में सुस्ती, निष्क्रियता आती है और बच्चों का व्यवहार विचलित दिखाई देता है। बच्चों की प्राकृतिक दिनचर्या में बदलाव आ जाता है। जैसे कि बच्चे सुबह उठकर काफी समय मोबाइल देखने में व्यतीत कर देते हैं, जबकि उस समय उनसे नित्यकर्म जैसे मंजन, स्नान आदि करने की अपेक्षा होती है। बच्चों की शारीरिक रूप से कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती है क्योंकि वे मोबाइल पकड़कर एक स्थान पर बैठे रहते हैं। देर रात तक मोबाइल देखने के कारण नींद पूरी नहीं होती है और उनमें चिड़चिड़ापन आता है व अशांत स्वभाव बढ़ता है।
मोबाइल के ज्यादा उपयोग से बच्चे अवास्तविक दुनिया अर्थात वर्चुअल दुनिया में रहने लगते
मोबाइल के ज्यादा उपयोग से बच्चे अवास्तविक दुनिया अर्थात वर्चुअल दुनिया में रहने लगते हैं। मोबाइल के माध्यम से अनावश्यक चैटिंग करने, व्हाट्सएप्प की टिप्पणियाँ पढ़ने आदि से समय तो बर्बाद होता ही है साथ ही बच्चे भ्रामक जानकारी से भी अपने मस्तिष्क को दूषित कर लेते हैं। मोबाइल से बच्चों के हाथ और मस्तिष्क के बीच का संबंध प्रभावित होता है। इससे कई बच्चों में पेन या पेन्सिल से लेखन की क्षमता की कमी भी देखी गई है। मोबाइल देखते हुए एक ही स्थान पर बैठे रहने से शारीरिक प्रगति बाधित होती है। इससे बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या सामने आ सकती है। मोबाइल में व्यस्त रहने से बच्चों की सामाजिक जीवन शैली प्रभावित होती है और वे आस पड़ोस में घूमना, समूह गतिविधियाँ या सामूहिक रूप से त्यौहार मनाने को नापसंद करने लगते हैं। यहाँ तक कि घर से बाहर जाना भी उन्हें पसंद नहीं आता है। बच्चों में पुस्तकों के अध्ययन के प्रति रुचि कम हो रही है।

Read Also  मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में सुनीं समस्याएं, हर घर तिरंगा कार्यक्रम का शुभारंभ

मोबाइल की लत से बचाने के उपाय

 

यह ध्यान रखना जरूरी है कि मोबाइल की लत से बच्चों को बचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भूमिका माता-पिता की तो है ही साथ ही परिवार के सभी सदस्यों की भी है। बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार खिलौना दें और मोबाइल के प्रयोग को बढ़ावा न दें। बच्चों के साथ बातचीत करने में समय अवश्य दें जब भी अवसर मिले टेलीविजन बंद करें और मोबाइल अलग रखवाकर आमने-सामने हल्का फुल्का हास्यभरा वार्तालाप करें। बच्चों को घर में अधिक से अधिक शारीरिक गतिविधियों में शामिल करें, जैसे त्यौहारों पर घर की सजावट, अवकाश के दिन साफ-सफाई, दैनिक कार्यों में शामिल करना आदि। बच्चों के लिए समय सारणी बनायें और मोबाइल का उपयोग धीरे-धीरे कम करवाएं। सामने से वातार्लाप करते समय मोबाइल को बंद करवाने की आदत डालें। दिन में कम से कम एक घण्टा अन्य बच्चों के साथ बाहरी खेलकूद में देने के लिए नियत करें और बच्चों को उस समय शारीरिक एवं बाहरी खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे उनका मस्तिष्क उतने समय के लिए मोबाइल से दूर होगा और वे बाहरी वातावरण के आनंद को महसूस कर सकेंगे।

शतरंज, सांप सीढ़ी, लूडो जैसे खेलों को खेलने के लिए प्रेरित करें

घर के भीतर शतरंज, सांप सीढ़ी, लूडो जैसे खेलों को खेलने के लिए प्रेरित करें। उनके साथ माता-पिता भी खेलें। इस प्रकार उन्हें मनोरंजन का एक और विकल्प मिलेगा। यदि बच्चे चित्रकारी, संगीत, वाद्ययंत्र बजाने, नृत्य करने, अभिनय में रुचि लेते हैं तो इसे प्रोत्साहित करें। इसके लिए उन्हें साधन उपलब्ध करायें। उनके द्वारा तैयार की गई रचनाओं की सराहना करके प्रोत्साहन दें। बच्चों को प्रतिदिन हल्का व्यायाम करने को प्रोत्साहित करें। माता-पिता स्वयं भी बच्चों के समक्ष मोबाइल का अत्याधिक उपयोग न करें। याद रखें कि बच्चों के लिए उनके माता-पिता रोलमॉडल याने आदर्श हैं।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ BJP को मिला नया प्रभारी, स्मृति ईरानी संभालेंगी संगठन की कमान

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसी क्रम में स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि सिद्धार्थ शंभू...

25 को अनंत चतुर्दशी, विधि के साथ करिए लम्बोदर महाराज की बिदाई

By User 6 / September 20, 2026 / 0 Comments
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर अनंत चतुर्दशी (Anant chaturdashi 2026) मनाई जाती है और इस दिन गणेश विसर्जन किया जाता है। इस अवसर पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद गणेश जी की...

पंजाब के बाद आसाम में भी भूपेश बघेल का विरोध

By User 6 / September 22, 2026 / 0 Comments
समागुडी. असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को समागुड़ी के बरमा इलाके में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित तौर पर पथराव का मामला सामने आया। काफिले में असम कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री...

लिंगराज मंदिर पहुंचे CM साय, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा

By User 6 / September 20, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।...

पितृ में ना करें पूर्वजों की अनदेखी, तिथियों के अनुसार करें पितृ की पूजा

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
पितृ पक्ष आने वाला है। घरों में एक बार फिर पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण की तैयारियां शुरू होंगी। हिंदू धर्म में इन दिनों को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा जताने का समय माना गया है। परिवार में जिन लोगों...

नवा रायपुर में 22 सितंबर को सजेगी तीज मिलन उत्सव की भव्य रंगत

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक तिहार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से...

रायपुर में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी, महादेव घाट पर कंट्रोल रूम बनेगा

By User 6 / September 22, 2026 / 0 Comments
रायपुर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर पालिक निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव...

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति की दस्तक, वसुंधरा परियोजना बदलेगी राजस्व सेवाओं का स्वरूप

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में डिजिटल बदलाव की बड़ी पहल कर रही है। राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग की ‘वसुंधरा’ परियोजना के माध्यम से प्रदेश के पुराने और...

ओडिशा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व राज्यपाल से की मुलाकात

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने ओडिशा प्रवास के दौरान सोमवार को भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता विश्वभूषण हरिचंदन से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस दौरान विश्वभूषण...

रायगढ़ जिले में बस और ट्रक में भीषण टक्कर, कई यात्री हुए घायल

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार को भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है, इस दुर्घटना में पूर्णागिरि बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार करीब 10 से 12...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *