रायपुर, 01 जुलाई 2026।छत्तीसगढ़ सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में राज्य को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें एआई मिशन, डिजिटल नवाचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में एआई आधारित सुशासन, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु पोर्टल, ई-प्रगति पारस सिस्टम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स और अन्य डिजिटल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नई योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और दक्षता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का माध्यम है। सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलें, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़े और लोगों की आय में वृद्धि हो।
बैठक में प्रस्तुत विजन के अनुसार, एआई मिशन को पांच प्रमुख स्तंभों पर विकसित किया जाएगा, जिनमें कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता, सुरक्षित एआई और शासन में एआई का उपयोग शामिल हैं। स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, रोबोटिक्स क्लब और हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे, वहीं कॉलेजों में सर्टिफिकेशन कोर्स, आईटीआई में एआई लैब और विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
राज्य में एआई स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए डेटा लैब्स, क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षित और जिम्मेदार एआई उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डेटा सुरक्षा, निजता संरक्षण और तकनीकी ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में लगभग 1000 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 577 नए टावरों की स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारतनेट फेज-3 के तहत राज्य की 4114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा। वहीं सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं और अब तक 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 94.3 प्रतिशत का सफल निराकरण किया गया है।
बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स और डिजिटल निगरानी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, इन पहलों से आईटी और आईटीईएस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।










