छत्तीसगढ़ को हरित राज्य बनाने के लिए नीति आयोग ने रखा विजन 2047, सतत विकास पर विस्तृत चर्चा

रायपुर, 25 जून 2024/ छत्तीसगढ़ को सतत और पुनर्योजी विकास में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से आज राज्य नीति आयोग में गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में “छत्तीसगढ़ विजन 2047” डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए वर्किंग ग्रुप के सदस्यों ने अपने विचार रखे। अटल नगर, नया रायपुर स्थित राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में समिति के सदस्यों ने लघु, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर सुझाव दिए।
बैठक में सदस्यों ने अपशिष्ट से धन बनाने, हरित राज्य निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी, अनुसंधान और विकास, समुदाय भागीदारी, स्थिरता और पुनर्योजी विकास के लिए छत्तीसगढ़ को एक मॉडल के रूप में स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की।
यह उल्लेखनीय है कि विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की जिम्मेदारी राज्य नीति आयोग को सौंपी गई है। सितंबर 2024 तक विजन डॉक्यूमेंट की अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की अपेक्षा की गई है, इसके लिए विभिन्न विषयों पर आठ वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव अनूप श्रीवास्तव एवं सदस्य के. सुब्रमण्यम, आवास एवं पर्यावरण सचिव आर. संगीता, सूरजपुर और कबीरधाम जिलों के कलेक्टर सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया और विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक विजन एवं रणनीतियों पर सुझाव दिए।
बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीली टिकाऊ सोसायटी, एसडीजी सूचकांक, ऊर्जा और जलवायु सूचकांक, कार्बन फुटप्रिंट, कृषि, वानिकी, राज्य में स्थापित उद्योगों, भूमि, वायु, जल, अपशिष्ट और ऊर्जा पर प्रभाव का आंकलन, प्रौद्योगिकी संचालित अनुसंधान एवं विकास, सरकारी वित्त पोषण और निजी पूंजी निवेश, जागरूकता और संवेदनशीलता, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना, सामाजिक समानता को बढ़ावा देना, लोक कल्याण में वृद्धि सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
वर्किंग ग्रुप के सदस्यों ने वनों के संरक्षण के लिए स्पष्ट रोड मैप बनाने, जैव विविधता के संरक्षण, इको सिस्टम में सुधार लाने, ग्रासलैंड को बचाने, नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान देने, वेस्ट मैनेजमेंट, लैंडफिल साइट, रीसाइक्लिंग, सामाजिक भागीदारी, सिवरेज डिस्पोजल विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की।
बैठक में सुशासन अभिसरण विभाग, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, खनिज संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग, वन संरक्षक भू प्रबंधन, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी, मनरेगा, पंचायत, छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ, कृषि किसान कल्याण एवं जैविक प्रौद्योगिकी विभाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी इनक्यूबेशन सेंटर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, सदस्य सचिव छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा संचालक नगर एवं ग्राम निवेश के अधिकारी उपस्थित रहे।










