लोगों को साफ पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से बालोद नगर में जल आवर्धन योजना की शुरुआत की गई, लेकिन आधी अधूरी व्यवस्थाओं के बीच संचालित होने वाले जल आवर्धन योजना का खामियाजा बालोद शहर वासी भुगत रहे हैं। 40 हजार की आबादी वाला बालोद शहर है। यहां कलेक्टर एसपी सहित जिले के तमाम अफसर रहते हैं। इसके बावजूद बालोद शहरवासियों को पिछले दो माह से साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है।
शहरवासियों को स्वच्छ जल प्रदान करने के लिए जल आवर्धन योजना के तहत करोड़ों की लागत से पाइपलाइन बिछाया गया और जिले की जीवनदायनी तांदुला जलाशय के पानी को वाटर फिल्टर प्लांट में साफ कर शहर के हर घर तक पहुंचाया जाना है, लेकिन दो माह से इतना गंदा पानी आ रहा है कि लोग पीने के लिए कई दफा सोच रहे हैं।
एक तरफ जहां गंदे पानी को पीकर लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं तो वहीं बालोद नगर वीडियो को साफ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी लोगों को पीने के लिए साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है। जो लोग सक्षम हैं वह तो पानी को साफ करने के लिए आरो का सहारा ले रहे हैं। गरीब और मध्यम तबके के लोग इस गंदे पानी को पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। वाटर फिल्टर प्लांट की सफाई आखरी बार इसी साल मार्च में की गई थी। इसके बाद सफाई ही नहीं की गई, इधर नगर पालिका के नल जल सभापति योगराज भारती भी इस बात को मान रहे हैं। नगर पालिका के जिम्मेदार लोगों को गंदा पानी पिला रहे थे। इधर, भाजपा पार्षद राजू पटेल ने नगर पालिका की जिम्मेदारों को निष्क्रिय बताया।










