Ekhabri धर्म दर्शन। नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता को समर्पित होता है, जो देवी दुर्गा के पांचवें स्वरूप मानी जाती हैं। मां स्कंदमाता को उनकी गोद में भगवान कार्तिकेय (स्कंद) के साथ दिखाया जाता है, और उनका वाहन सिंह होता है। यह स्वरूप शक्ति, ज्ञान और मोक्ष का प्रतीक है।
मां स्कंदमाता की पूजा से भक्तों को सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। इनकी उपासना करने से व्यक्ति के जीवन से दुखों का नाश होता है और उसे शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है। साथ ही, मां की कृपा से साधक की बुद्धि का विकास होता है और उसे जीवन में सही मार्गदर्शन मिलता है। यह माना जाता है कि मां स्कंदमाता की पूजा से भक्तों को विशेष रूप से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
पूजा विधि
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करते समय सफेद रंग के वस्त्र धारण करने का विशेष महत्व है। देवी की आराधना के लिए सफेद फूल, सफेद मिठाइयाँ और पंचामृत का प्रयोग किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से ध्यान, साधना और मां के चरणों में समर्पण का महत्व है।
भारत में मां स्कंदमाता के प्रमुख मंदिर
भारत में मां स्कंदमाता के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां भक्त विशेष रूप से नवरात्रि के समय जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। कुछ प्रमुख मंदिर निम्नलिखित हैं:
Ekhabri नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश: यह मंदिर शक्तिपीठों में से एक है और यहां मां स्कंदमाता की विशेष पूजा होती है।
कामाख्या मंदिर, असम: मां स्कंदमाता की पूजा के लिए यह एक प्रमुख स्थल है, जहां नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं।
Ekhabri विंध्याचल मंदिर, उत्तर प्रदेश
विंध्याचल मंदिर, उत्तर प्रदेश: यह मंदिर नवरात्रि के समय खासा प्रसिद्ध है, जहां देवी के कई रूपों की पूजा की जाती है, जिनमें मां स्कंदमाता भी शामिल हैं।
Ekhabri कांगड़ा देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
कांगड़ा देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश: यह मंदिर भी स्कंदमाता की पूजा के लिए जाना जाता है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
Ekhabri चिंतपूर्णी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
5.चिंतपूर्णी मंदिर, हिमाचल प्रदेश: यह मंदिर मां स्कंदमाता की पूजा के लिए बेहद प्रसिद्ध है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं।
मां स्कंदमाता की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का संचार होता है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां की आराधना विशेष रूप से जीवन में नयी दिशा और शक्ति प्रदान करती है।
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