मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को सतपुड़ा भवन में आग लग गई। आग ने 12 हजार सरकारी फाइलों को अपने आगोश में समेट लिया। सेना, सीआईएसएफ और दमकलकर्मियों ने करीब 14 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आग से चार मंजिल का करीब 80 फीसद हिस्सा जल गया है।
सतपुड़ा भवन में कुल छह मंजिल हैं। आग तीसरी मंजिल पर आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में लगी। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट रहा। आग लगने के बाद सभी कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे पहले भी 2018 में यहां आग लगी थी। आग के साथ ही सियासी लपटों का तेज होना शुरू हो गया और सियासी बयानबाजी के तीर चलने लगे। सरकारी फाइलों को जलने को लेकर कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है।
कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि शिवराज के दफ्तर की आग बता रही है कि भाजपा सरकार मध्य प्रदेश से जा रही है। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि आग लगी है या लगाई गई है। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आग लगने की घटना को लेकर समीक्षा बैठक की। स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि आग लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। वहीं, मंत्री कैलाश विश्वास सारंग ने कहा कि सारा प्रशासन आग को काबू करने में लगा हुआ था।










