दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार (30 दिसंबर) को उनकी मां शांताकुमारी का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने कोच्चि के एलामाक्कारा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। सुपरस्टार की मां के निधन की खबर सामने आते ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस और फिल्मी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, शांताकुमारी पिछले करीब 10 सालों से बीमार चल रही थीं। वे लकवा (paralysis) से ग्रस्त थीं और साथ ही उम्र संबंधी कई अन्य बीमारियों से भी जूझ रही थीं। उनका इलाज घर के पास ही एक अस्पताल में चल रहा था। मोहनलाल इन दिनों अपनी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त थे, लेकिन जैसे ही उन्हें मां के निधन की खबर मिली, वे अपना सारा काम छोड़कर तुरंत घर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि आज उनके पार्थिव शरीर को तिरुवनंतपुरम ले जाया जाएगा, जहां बुधवार को पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मोहनलाल अपनी मां के बेहद करीब थे और अक्सर इंटरव्यूज व सोशल मीडिया पर उनके प्रति अपना प्रेम जाहिर करते रहते थे। इसी साल सितंबर 2025 में जब मोहनलाल को प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया था, तो वह अवॉर्ड लेकर सबसे पहले अपनी मां के पास पहुंचे थे और उनका आशीर्वाद लिया था। मदर्स डे हो या कोई अन्य खास मौका, वह अक्सर अपनी मां के साथ तस्वीरें साझा करते थे। मां का इस तरह चले जाना अभिनेता के लिए एक गहरे सदमे जैसा है और वे पूरी तरह टूट चुके हैं।
मां के प्रति मोहनलाल का समर्पण केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने अपने माता-पिता के नाम पर समाज सेवा की एक मिसाल भी कायम की है। मोहनलाल ‘विश्वशांति फाउंडेशन’ नाम से एक संस्था चलाते हैं, जो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करती है। इस संस्था का नाम उन्होंने अपने पिता विश्वनाथन नायर और मां शांताकुमारी के नाम को मिलाकर रखा है। आज उस ‘शांता’ का साथ हमेशा के लिए छूट गया है।
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