मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधू ने मादक पदार्थों की तस्करी अपने पति को तस्करों के पास गिरवी रख दिया। वह फिलहाल जलपाईगुड़ी जेल में कैद है। उस पर ब्राउन शुगर तस्करी का आरोप है। बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के साथ तस्कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
एसटीएफ की टीम ने 17 सितंबर देर रात सिलीगुड़ी से सटे जलपाईगुड़ी जिला अंतर्गत राजगंज थाना क्षेत्र के फाटापोखर टोल गेट पर एक बस से एक किलो ब्राउन शुगर के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया। ये असम से बिहार के मुजफ्फरपुर जा रहे थे। आरोपियों में शामिल तौसिफ अंसारी उत्तर प्रदेश के मेरठ का है, जबकि अलीमुद्दीन रहमान व सद्दाम अली असम के हैं।
एसटीएफ ने करीब 20 दिन पहले पूर्वोत्तर के दूसरे सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पर असम से दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में तलाशी के दौरान चार किलोग्राम ब्राउन शुगर बरामद की थी। इस मामले में एसटीएफ ने उसी कोच से एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में शामिल लालिजान बेगम वर्ष 1972 से 74 के बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे मुहम्मद अलीमुद्दीन के बेटे मुहम्मद इस्लाउद्दीन की पत्नी हैं। लालिजान अपने पति के साथ मणिपुर के थौबल जिले में रहती है। वह लंबे समय से मादक तस्करी के कारोबार में लिप्त हैं और अपने गिरोह के साथियों के साथ कई बार मादक पदार्थों की खेप मणिपुर से बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में पहुंचा चुकी है। वह पहली बार पकड़ी गई है।
एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो पता चला कि बिहार के किशनगंज के एक मादक पदार्थ के कारोबारी ने चार किलो ब्राउन शुगर के लिए लालिजान को 50 लाख नकद दिया था। वह अपने पति को ग्राहक के पास गिरवी रख गई, लेकिन ब्राउन शुगर लेकर आते समय एसटीएफ के हत्थे चढ़ गई।










