राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को विधानसभा में पिछले वर्ष का बजट पढ़ गए। वह आठ मिनट तक बजट पढ़ते रहे। मुख्य सचेतक और मंत्री महेश जोशी के टोकने के बाद उन्हें गलती का अहसास हुआ। गहलोत ने इसके लिए सदन से माफी मांगते हुए कहा कि गलती हो जाती है। विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सरकार का आखिरी बजट पेश करते हुए गहलोत ने 19,000 करोड़ रुपये के महंगाई राहत पैकेज की घोषणा की।
प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस पर चुटकी ली और आरोप लगाया कि बजट लीक हो गया है। भाजपा विधायकों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने कहा कि संभवत: इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। मैंने बजट को दो या तीन बार पढ़ा और चेक किया। कोई व्यक्ति इतने महत्वपूर्ण दस्तावेज को क्रास चेक करने से कैसे चूक सकता है? भाजपा नेता गुलाब चंद कटारिया ने आरोप लगाया कि बजट लीक हो गया है, लिहाजा इसे पेश नहीं किया जा सकता।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिह ने टि्वटर कर कहा, “गहलोत जी बहुत लापरवाह रहते हैं, इस साल के बजट के लिए प्रचार किया और पुराने बजट को पढ़ना शुरू कर दिया! कुशासन से फैले अंधेरे में जनता राहत की रोशनी सोच रही थी, यहां मुखिया जी मंत्री जी की बत्ती गुल हो गई, पता नहीं हंसो या रोओ!” लगातार हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे खेद है। गलती से एक अतिरिक्त पृष्ठ जुड़ गया। यह मानवीय त्रुटि थी।” वह बोले, जब वसुंधरा मुख्यमंत्री थीं तब गलत आंकड़े पेश किए गए थे और उन्हें भी सुधार लिया गया था। सदन में मौजूद राजे ने पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत ने जो किया है वह सरासर लापरवाही है।










