Google Analytics Meta Pixel सरकार आदिवासियों के साथ है,हर संभव मदद करेगी:भूपेश बघेल - Ekhabri.com

सरकार आदिवासियों के साथ है,हर संभव मदद करेगी:भूपेश बघेल

 कानून व्यवस्था बिगड़ी तो आंदोलननकारी जिम्मेदार होंगे
 भाजपा शासनकाल में आदिवासियों को जेलों में बंद किया था जिन्हे कांग्रेस ने बाहर निकाला
जगदलपुर। सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा करते हुए आश्वस्त किया कि प्रदेश की सरकार आदिवासियों के साथ है और हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब धीरे-धीरे शांति की ओर बढ़ रहा है अब आंदोलन कर बस्तर को अशांत करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि बस्तर में कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो आंदोलनकारियों को जिम्मेदार माना जायेगा। लोकतंत्र में अपने अधिकार के लिए सभी को आंदोलन करने का अधिकार है परंतु आंदोलन अनुशासन पूर्वक करें,कानून व्यवस्था को न बिगाड़ें। आज सर्किट हाउस में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सर्वआदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से समाज के उत्थान एवं सामाजिक समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। श्री बघेल ने कहा कि बस्तर में घटित हुई कई घटनाओं को लेकर समाज की ओर से जांच की मांग की गई थी। सरकार ने समाज की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जांच करा रही है। चाहे वह ताड़मेटला की घटना हो या सारकेगुड़ा या सिलगेर की इनन सभी घटनाओं को लेकर सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार आदिवासियों के साथ है उन्हे हर संभव मदद करेगी।
उन्होंने समाज के लोगों को कहा कि आप लोग जल, जंगल, जमीन की लड़ाई लड़ रहे है तो सरकार आपके साथ है। सरकार आदिवासियों को पट्टा दिलाने में पूरी मदद कर रही है। श्री बघेल ने कहा कि सामाजिक संगठन पट्टा दिलाने का काम करती है सामाजिक संगठन पट्टा दिलाने को लेकर आगे आएं सरकार पूरी मदद करेगी। बस्तर संभाग में कही भी पट्टा दने की बात हो तो प्रशासनिक अफसरों को अवगत कराएं सरकार मदद करेगी।
सभी को आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से करें
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र मेंं सभी को आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए। आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो आंदोलन करने वाला संगठन जिम्मेदार होगा।
आदिवासियों को जेलों से बाहर निकाला
श्री बघेल ने कहा कि भाजपा शासनकाल में बेगुनाह आदिवासियों को जेलो में बंद कराया गया था ऐसे बेगुनाह आदिवासी जो वकीलों को फीस देने में सक्षम नहीं थे लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने उन बेगुनाह 1200 आदिवासियों को जेलों से बाहर निकालने का काम किया।
बस्तर में भाजपा शासन में रोज होते थे खून खराबे
श्री बघेल ने कहा कि बस्तर में भाजपा शासनकाल में रोज खून खराबे होते थे लेकिन अब बस्तर शांति की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। सिलगेर की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि वहां के ग्रामीणों का दुख दर्द जानने बस्तर सांसद, विधायक सिलगेर गये थे उनकी समस्याओं से अवगत हुए थे। भाजपा शासनकाल में आदिवासियों का दुख दर्द जानने सत्ताधारी दल के नेता नहीं जाते थे। चर्चा के दौरान बस्तर सांसद दीपक बैज, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, ग्रामीध अध्यक्ष बलराम मौर्य, शहर जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा, सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, आरआर कश्यप सहित विभिन्न आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में बस्तर कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी सुंदरराज पी.,कलेक्टर रजत बंसल, एसपी बीएन मीणा उपस्थित रहे।

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