रायपुर, 2 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं नारायणपुर जिले के प्रभारी सचिव भीम सिंह ने जिले के कोचवाही स्थित मल्टी एक्टिविटी सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारमूलक गतिविधियों का जायजा लिया और उनकी आय बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान भीम सिंह ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कामकाज, उत्पादन क्षमता, उत्पादों की बिक्री और उससे होने वाली आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को समूहों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लड्डू निर्माण इकाई और सब्जी उत्पादन का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन के साथ उन्होंने मां इंद्रावती स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित पौष्टिक लड्डू निर्माण इकाई का अवलोकन किया। उन्होंने लड्डू निर्माण की प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता, बिक्री और उससे प्राप्त होने वाली आय के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से समूहों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
मुर्गीपालन और गायपालन गतिविधियों के विस्तार पर जोर
भीम सिंह ने लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की मुर्गीपालन इकाई का निरीक्षण कर मुर्गियों की संख्या, उत्पादन, रखरखाव और आर्थिक लाभ की जानकारी ली। समूह की महिलाओं ने इस गतिविधि का विस्तार करने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समूह की जरूरतों का आकलन कर आवश्यक सहयोग की संभावनाओं पर कार्य करने और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने गायपालन इकाई का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पशुओं के रखरखाव, चारा व्यवस्था, दुग्ध उत्पादन और उससे होने वाली आमदनी के संबंध में महिलाओं से चर्चा की। समूह की महिलाओं द्वारा अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग पर अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने और उन्हें संबंधित विभागीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
मछलीपालन और बटेरपालन को लाभकारी बनाने की पहल
प्रभारी सचिव ने मल्टी एक्टिविटी सेंटर में संचालित बटेरपालन इकाई का अवलोकन कर इसकी आर्थिक संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और परिस्थितियों के अनुरूप ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिनसे महिलाओं को नियमित और स्थायी आमदनी मिल सके।
इसके बाद उन्होंने गायत्री स्व-सहायता समूह द्वारा तालाब में संचालित मछलीपालन गतिविधि का निरीक्षण किया। उन्होंने मछली उत्पादन, बिक्री और उससे प्राप्त आय की जानकारी ली। साथ ही मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों को समूह की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से मछलीपालन करने पर उत्पादन और आर्थिक लाभ दोनों में वृद्धि हो सकती है।
इसी क्रम में मां शीतला स्व-सहायता समूह की सब्जी उत्पादन इकाई का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने महिलाओं से खेती की लागत, उत्पादन, स्थानीय बाजार में बिक्री और प्राप्त लाभ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सब्जी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने और समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
**महिला स्व-सहायता समूहों को उद्यमिता और बाजार से जोड़ने पर जोर**
भीम सिंह ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों का विस्तार जरूरी है। महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उद्यमिता, उत्पादों के मूल्य संवर्धन, विपणन और व्यवसाय प्रबंधन से भी जोड़ना होगा। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्व-सहायता समूह की मौजूदा गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं का आकलन कर आय बढ़ाने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि मल्टी एक्टिविटी सेंटर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के प्रभावी केंद्र बन सकें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम सौरभ दीवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










