शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बनी अनिश्चितता और ज्यागा महंगाई के चलते इक्विटी म्यूचुअल फंड लगातार 15वें महीने निवेशकों के लिए आकर्षक बने हुए हैैं। यही कारण है कि मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 18,259 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआइपी) की रही है।
एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआइ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2022 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 15,890 करोड़ रुपये रहा था। इक्विटी योजनाओं में मार्च 2021 से लगातार शुद्ध निवेश बना हुआ है। यह निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना को दर्श्ााता है। इससे पहले जुलाई 2020 से फरवरी 2021 के दौरान लगातार आठ महीने तक शुद्ध निकासी रही थी। इस दौरान इक्विटी योजनाओं से 46,791 करोड़ रुपये निकाले गए थे।
डाटा के अनुसार, मई में फ्लैक्सी कैप फंड समेत सभी प्रकार की इक्विटी आधारित योजनाओं में सबसे ज्यादा 2,939 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। इसके अलावा लार्ज कैप, लार्ज एंड मिड कैप फंड और सेक्टोरल फंड में 2,200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। मोतीलाल ओसवाल एएमसी के मुख्य कारोबारी अधिकारी अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि एसआइपी में लगातार निवेश से बिक्री को सकारात्मक समर्थन मिल रहा है। बाजारों में अस्थिरता के बीच खुदरा निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैैं। सभी श्रेणियों में नया निवेश मिल रहा है। मार्निंगस्टार इंडिया की सीनियर एनालिस्ट कविता कृष्णन का कहना है कि अस्थिरता के बावजूद उभरते बाजारों में भारतीय इक्विटी मार्केट निवेशकों के बीच आकर्षक विकल्प बना हुआ है।










