रायपुर, 2 जून 2026।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांकेर में आयोजित समीक्षा बैठक में चार जिलों—कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर—में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का संवेदनशील और त्वरित समाधान करना है। उन्होंने प्रशासनिक अमले से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए जिम्मेदारी और परिणामोन्मुख कार्यशैली के साथ काम करने को कहा।
प्रधानमंत्री आवास और कृषि पर विशेष फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत मकानों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही धान खरीदी केन्द्रों से उठाव प्रक्रिया को तेज करने और स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के साथ पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण प्राथमिकता में
मुख्यमंत्री साय ने स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
महिला सशक्तिकरण के तहत स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने और महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
पेयजल, सड़क सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं पर जोर
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग पर जनजागरूकता अभियान चलाने और डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर योजना, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस और डीएमएफ कार्यों की भी समीक्षा की।
दूरस्थ क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। वहीं अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।










