आज सावन का दूसरा सोमवार है। पहले सोमवार को हमने बेलपत्ती का महत्व बताया था। आज हम धतूरे का शिव जी की पूजा में महत्व बताने जा रहे हैं। तो आईए जानें शिव में चढ़ाई में क्यों चढ़ता है धतूरा और उसका फूल।
धतूरा आसानी से मिलने वाला फल है। कांटेदार और गोल आकार का धतूरा शिवजी को अति प्रिय है। कहा जाता है कि इसे चढ़ाने से शिवजी प्रसन्न होते हैं। धतूरे का फल और घतूरे का फूल चढ़ाने से शंकर जी पुत्र प्रदान करते हैं। लाल रंग की डंठलवाला धतूरा पूजा में शुभ माना जाता है।
किवदंती
शिव महापुराण के अनुसार महादेव को नील कंठ कहा गया है क्योंकि सागर मंथन के समय भगवान शिव ने श्रृष्टी को बचाने के लिए विष पान किया था। इसके कारण भगवान का गला नीला हो गया था। भगवान ने इस विष को गले से नीचे नहीं उतरने दिया था जिसके कारण विष भगवान शिव के सिर में चढ़ गया। भोले नाथ बेहोश हो गए। ऐसे स्थिति में देवताओं के सामने भगवान को होश में लाना कठिन हो गया। भगवत पुराण के अनुसार उसी समय आदी शक्ती मां भगवती प्रगट हुईं और देवताओं से जड़ीबूटी और जल से शिव जी का उपचार करने को कहा। देवताओं ने शिव जी के सिर से हलाहल की गर्मी निकालने के लिए धतूरा, भांग माथे में रख दिया और निरंतर जल डालने लगे, जिससे शिव जी का विष निकल गया। तभी से शिव जी को धतूरा प्रिय है। इसका प्रयोग शिव आराधना में विषेश रूप से किया जाता है। धतूरा और इसका फल आसाने से मिल जाता है।
धतूरे के पत्ते का धूंआ दमा शांत करता है। धतूरे की जड़ सूंघने से मिर्गी रोग शांत होता है। घतूरे के पत्ते को आग में सेंक कर पेट में बांधने से सर्दी ठीक हो जाती है। धतूरे का रस बालों में लगाने से डैंडरफ खत्म हो जाता है। धतूरे के रस को तिल के तेल में गर्म कर लगाने से गठिया रोग दूर होता है। धतूरे के चूर्ण को में घी लगा कर सेवन करने से महिलाओं को गर्भधारण की समस्या खत्म होती है।
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हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी यानी हरछठ व्रत रखा जाता है। इसे हल छठ, हरछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माताएं अपनी...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में ई-ऑफिस व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम...
सुकमा। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को साझा करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेम साई गुरुजी ने सुकमा जिले के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस...
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रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिसकर्मी के घर चोरी की वारदात से हड़कंप मच गया। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस के घर को भी नहीं छोड़ा। पंडरी थाना क्षेत्र के दुबे कॉलोनी स्थित ग्रैंडले विहार में महिला...
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रायपुर, 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ ने भारत के महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है। खान मंत्रालय की ओर से रायपुर में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की आठवीं श्रृंखला...