मिस्र के शहर गीजा में एक काप्टिक चर्च में मास सर्विस के दौरान आग लगने से कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई। अत्यधिक काले धुएं में दम घुटने और भगदड़ मचने से मरने वालों में अधिकाधिक बच्चे हैैं और कम से कम 45 लोग घायल हुए हैैं।
पुुलिस सूत्रों का कहना है कि मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर गीजा के मध्यम वर्ग के इलाके इम्बाबा में स्थित ‘अबू सेफेन चर्च” में शार्ट-सर्किट से लगी आग के कारण बड़ा हादसा हो गया। आग चर्च की दूसरी मंजिल पर लगे एसी से लगी है। उस समय चर्च में पांच हजार से अधिक लोग मौजूद थे। आग लगने के कारण चर्च का प्रवेश द्वार अवरुद्ध हो गया जिससे भगदड़ मच गई। ज्यादातर लोग तीसरी व चौथी मंजिल पर जमा हो गए और काले धुएं से परेशान होकर कुछ ने खिड़कियों से छलांग लगा दी। सर्विस के दौरान किड्स रूम में एकत्र बच्चे इस हादसे का सबसे अधिक शिकार हुए हैैं।
ईसाइयों के काप्टिक संप्रदाय के चर्च के मुताबिक संडे सर्विस के दौरान यह भीषण हादसा हुआ। मिस्र के अधिकांश ईसाई काप्ट्स हैं, जो मुख्य रूप से अलेक्जेंड्रिया के काप्टिक रूढ़िवादी चर्च के सदस्य हैं। मुस्लिम बहुल मिस्र में दस प्रतिशत आबादी ईसाइयों की है।
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार राष्ट्रपति अब्देल फतेह एल-सिस्सी ने फोन पर काप्टिक ईसाई पोप तावाड्रोस-2 से बात कर उनसे शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने फेसबुक पर जारी की पोस्ट में कहा कि वह इस घटनाक्रम पर नजदीकी से नजर रख रहे हैैं। उन्होंने संबंधित सभी एजेंसियों को सभी उचित कदम उठाने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार आग बुझाने में फायरब्रिगेड की 15 गाड़ियां लगी थीं।










