भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस और रजत जयंती वर्ष पर शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य की सराहना की। डॉ. यादव ने शहीद स्तंभ पर नमन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और शौर्य स्मारक में सेना के टी-55 टैंक का लोकार्पण किया, जिसे अब आमजन भी देख सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की पहचान है। उन्होंने कहा कि युद्धों में केवल हथियार ही नहीं, बल्कि सेना का हौसला भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड्स ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। जनरल ऑफिसर कमांडिंग सुदर्शन चक्र कोर प्रीतपाल सिंह और एनसीसी के मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल अजय कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत दुनिया की बेहतरीन सेनाओं में से एक है और शत्रु के दुस्साहस का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को राष्ट्र का कभी न भुला पाने वाला योगदान बताया और प्रदेशवासियों को कारगिल विजय दिवस की बधाई दी।
कार्यक्रम में संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और अन्य सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। डॉ. यादव ने शौर्य स्मारक की स्थायी चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एनसीसी कैडेट्स को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।










