आज से नवरात्रि प्रारंभ: ऐसे करें कलश स्थापना

आज से नवरात्र आरंभ हो रही है। देवी के अलग-अलग नौ रूपों की अराधना करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कोरोना के कारण इस बार कई ऐसे मंदिर हैं जहाँ कलश स्थापना नही की जा रही है। ऐसे में आप अपने घरों में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। हम आपको बताते हैं कलश स्थापना और पूजा विधि।

नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को सुबह शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।

कलश / घट स्थापना विधि

देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सबसे पहले कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना। कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।

सामग्री:

पूजा और कलश स्थापना के लिए
जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र।
जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी। पात्र में बोने के लिए जौ लगता है।

घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात ‘कलश’ सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )

कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल, मौली, इत्र, साबुत, सुपारी, दूर्वा, कलश में रखने के लिए कुछ सिक्का, पंचरत्न, अशोक या आम के 5 पत्ते, कलश ढकने के लिए ढक्कन, ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल,
पानी वाला नारियल। नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा
फूल माला।

स्थापना विधि

सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें।

श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।

नारियल पर लाल कपड़ा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है।

नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।

अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। “हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।” अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।

नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें “हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।” उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।

नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।

नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे “चावल” रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा “सप्तधान्य” रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है।

माता की पूजा “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है।

नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।

नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


आर्थिक सहायता के लालच में धर्म परिवर्तन का प्रयास, दो आरोपी पकड़े गए

By User 6 / February 3, 2026 / 0 Comments
दुर्ग/भिलाई/कुम्हारी। दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के एक प्रकरण में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के...

पुराने Sim Cards से निकाल दिया 26 लाख का सोना

By Reporter 1 / February 3, 2026 / 0 Comments
हम और आप अक्सर पुराने या खराब हो चुके सिम कार्ड को बेकार समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं, लेकिन चीन के एक शख्स ने इसी कबाड़ से बेशकीमती खजाना निकालकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। चीन के ग्वांगडोंग...

Smartphone Battery Damage: 100% चार्ज करना क्यों हो सकता है खतरनाक?

By User 6 / February 3, 2026 / 0 Comments
Smartphone Battery Damage आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पेमेंट, शॉपिंग, ऑफिस वर्क और जरूरी डॉक्यूमेंट्स का अहम जरिया बन चुका है। ऐसे...

रायपुर में ITMS कंट्रोल रूम का निरीक्षण, पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देश—अब सिर्फ ई-चालान, 90 दिन में कोर्ट में पेशी अनिवार्य

By User 6 / February 2, 2026 / 0 Comments
रायपुर।पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने रायपुर स्थित आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए खराब कैमरों को शीघ्र दुरुस्त करने और ट्रैफिक नियमों...

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने सुरक्षा, नवाचार और नगरीय विकास पर निर्णय लिए

By User 6 / February 4, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 04 फरवरी 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य हित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कानून-व्यवस्था, नशा नियंत्रण, डिजिटल अवसंरचना, स्टार्टअप, नगरीय विकास...

23 साल बाद बड़े पर्दे पर लौट रहे है राधे भईया

By Reporter 1 / February 2, 2026 / 0 Comments
सलमान खान की कल्ट रोमांटिक फिल्म ‘तेरे नाम’ 23 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है। दिवंगत निर्देशक सतीश कौशिक की यह 2003 की क्लासिक फिल्म अब 27 फरवरी 2026 को थिएटर्स में री-रिलीज हो रही है। PVR...

होलिका दहन पर साल का पहला चंद्र ग्रहण…इन 3 राशियों की पलटने वाली है किस्मत, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

By User 6 / February 2, 2026 / 0 Comments
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन, यानी होलिका दहन के अवसर पर पड़ने जा रहा है. यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7...

इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर मिलने बुलाया, फिर नग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर 56 हजार लूटे

By Reporter 1 / February 6, 2026 / 0 Comments
धार्मिक नगरी मैहर में एक हनी ट्रैप का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी मचा दी है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवक को फंसाने वाली एक युवती ने उसे अपने कमरे में बुलाया और अपने साथियों...

डीएसपी कल्पना वर्मा पर गिरी गाज, शासन ने किया निलंबित

By Reporter 1 / February 6, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ शासन ने दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश में उनके खिलाफ गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। प्राथमिक जांच में वित्तीय लेनदेन, जांच के...

आयुष्मान भारत योजना: कौन-कौन सी बीमारियां और खर्च कवर हैं

By User 6 / February 5, 2026 / 0 Comments
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक वरदान है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है, जो गंभीर बीमारियों के इलाज...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *