Google Analytics Meta Pixel आज से नवरात्रि प्रारंभ: ऐसे करें कलश स्थापना - Ekhabri.com

आज से नवरात्रि प्रारंभ: ऐसे करें कलश स्थापना

आज से नवरात्र आरंभ हो रही है। देवी के अलग-अलग नौ रूपों की अराधना करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कोरोना के कारण इस बार कई ऐसे मंदिर हैं जहाँ कलश स्थापना नही की जा रही है। ऐसे में आप अपने घरों में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। हम आपको बताते हैं कलश स्थापना और पूजा विधि।

नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को सुबह शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।

कलश / घट स्थापना विधि

देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सबसे पहले कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना। कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।

सामग्री:

पूजा और कलश स्थापना के लिए
जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र।
जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी। पात्र में बोने के लिए जौ लगता है।

घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात ‘कलश’ सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )

Read Also  हलषष्ठी पर्व पर मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं

कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल, मौली, इत्र, साबुत, सुपारी, दूर्वा, कलश में रखने के लिए कुछ सिक्का, पंचरत्न, अशोक या आम के 5 पत्ते, कलश ढकने के लिए ढक्कन, ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल,
पानी वाला नारियल। नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा
फूल माला।

स्थापना विधि

सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें।

श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।

नारियल पर लाल कपड़ा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है।

नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।

Read Also  कोरोना प्रदेश में 81 हजार के पार, आज 3842 मरीज और 17 मौतें हुई

अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। “हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।” अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।

नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें “हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।” उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।

नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।

नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे “चावल” रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा “सप्तधान्य” रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है।

Read Also  सुप्रभात: इच्छाओं में रखें काबू

माता की पूजा “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है।

नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।

नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


 ‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, तीजा-पोरा में उमड़ा उल्लास

By Reporter 5 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास शनिवार को तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का केंद्र बना रहा। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और बेटियां मुख्यमंत्री...

श्रवण यंत्र मिलते ही लौटी प्रमिला की सुनने की क्षमता, सपनों को मिले पंख

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आधुनिक तकनीक और समय पर मिली सरकारी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, नारायणपुर जिले की कक्षा 8वीं की छात्रा प्रमिला इसकी मिसाल बन गई है। श्रवण बाधिता के कारण लंबे समय से...

भोरमदेव शक्कर कारखाने ने रचा इतिहास, लगातार दो साल देश में सबसे ज्यादा रिकवरी

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर/कवर्धा । छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने लगातार दो वर्षों तक देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय...

नुआखाई पर मुख्यमंत्री साय ने किसानों की सुख-समृद्धि की कामना की

By User 6 / September 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि,...

अभियंता दिवस पर पीडब्ल्यूडी चौक में विश्वेश्वरैया को किया जाएगा नमन

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारत रत्न महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर 2026, मंगलवार को अभियंता दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी रायपुर में उनके सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।   रायपुर नगर पालिक...

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ें, विजय शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 13 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय...

तीजा और गणेश चतुर्थी का शुभ संयोग, जानिए शुभ समय

By User 6 / September 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर. 14 सितंबर सोमवार को श्री गणेश चतुर्थी और तीज व्रत दोनों ही रखा जाएगा है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 14 सितंबर को प्रातः काल 7 बजकर 6 मिनट पर होगा और 15 सितंबर को प्रातः काल 7 बजकर 44...

मुंबई में BOCW का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर मंथन

By User 6 / September 12, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर...

कवर्धा मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की पढ़ाई शुरू, छात्रों ने साझा किए संघर्ष

By User 6 / September 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर। कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा...

घोलेंग में हुनर को नई उड़ान, टेक्सटाइल प्रशिक्षण से रोजगार के अवसर बढ़े

By User 6 / September 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर। कभी घर-आंगन और गांव की परंपराओं तक सीमित रहने वाला हुनर अब रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार कर रहा है। जशपुर जिले के ग्राम घोलेंग में पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और बाजार की...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *