अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ओरियन कैप्सूल वापस पृथ्वी पर आ गया। यह कैप्सूल ने 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की भीषण रफ्तार से वायुमंडल में प्रविष्ट हुआ। पृथ्वी के वायुमंडल में आने के बाद कैप्सूल प्रशांत महासागर में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उतरा। बिना यात्री के अंतरिक्ष में गए इस कैप्सूल ने चंद्रमा की परिक्रमा कर स्थितियों का आकलन किया और तस्वीरें लीं। कैप्सूल की यह यात्रा नासा के आर्टमिस ल्यूनर प्रोग्राम का हिस्सा थी। यह प्रोग्राम अपोलो अंतरिक्ष यान के चंद्रमा की सतह पर उतरने के 50 साल बाद शुरू किया गया है।
बूंद की आकार का ओरियन कैप्सूल अपने साथ मानव के आकार के तीन पुतले लेकर अंतरिक्ष में गया था। इन पुतलों में तारों के जरिये सेंसर बांधे गए थे। अत्यधिक ज्यादा और कम तापमान वाले क्षेत्रों से गुजरते हुए यह कैप्सूल अमेरिकी समयानुसार रविवार प्रात: 9.40 बजे प्रशांत महासागर में उतरा। यह कैप्सूल मेक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप के नजदीक उतरा है। कैमरों की तस्वीरों और सेंसर के डाटा का अध्ययन कर चंद्रमा के संबंध में और जानकारियां एकत्रित की जाएंगी। साथ ही देखा जाएगा कि दूरस्थ क्षेत्र की यात्रा कर अंतरिक्ष यात्री किस सीमा तक सुरक्षित रहकर वापस लौट सकते हैं। नासा के अधिकारी राब नावियास के अनुसार इस अध्ययन से हम चंद्रमा के बारे में ज्यादा जान पाएंगे और उसके करीब पहुंच पाएंगे।
लोहे को पिघलाने वाली गर्मी से दो गुना तापमान झेला
ओरियन कैप्सूल चंद्रमा के सबसे ज्यादा दूर छोर तक पहुंचने में सफल रहा। यह दूरी पृथ्वी से 4,34,500 किलोमीटर की है। कैप्सूल ने जब 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की भीषण रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया तो कुछ क्षणों के लिए नासा के कंट्रोल रूम में बैठे वैज्ञानिकों की सांसें रुक गईं। यह वह समय होता है जब कैप्सूल या कोई भी अंतरिक्ष यान अत्यधिक तापमान के बीच से गुजरता है। ओरियन कैप्सूल ने इस दौरान 2,760 डिग्री सेल्सियस का तापमान सहन किया। यह लोहे को पिघलाने वाले तापमान से करीब दो गुना ज्यादा था। लेकिन उसे झेलकर ओरियन वापस पृथ्वी पर आने में सफल रहा। ओरियन को 16 नवंबर को अमेरिका के फ्लोरिडा के केप केनवरल स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से छोड़ा गया था। 25 दिन का अपना मिशन पूरा कर यह 11 दिसंबर को लौटा है। इसे अभी तक के सबसे शक्तिशाली राकेट से अंतरिक्ष में भेजा गया था।
CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.
By User 6 /
September 2, 2026 /
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु की कामना में व्रत करती हैं। व्रत की बात करे तो...
By User 6 /
September 2, 2026 /
दुर्ग। सोशल मीडिया में इन दिनों रील बनाना का शौक लोगो पर सिर चढ़ कर बोल रहा है. इन सबके बीच इससे जुड़ी खास खबर सामने आई है. जिसमें जिला अस्पताल दुर्ग की अटल आरोग्य लैब में रील बनाने वाली...
By Reporter 5 /
September 6, 2026 /
श्यामा श्याम धाम ट्रस्ट ने पत्रकारिता, समाजसेवा और बाल वीरता को किया सम्मानित दुर्ग। श्री श्यामा श्याम धाम ट्रस्ट उमरपोटी, दुर्ग द्वारा कृष्ण प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदेशभर से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों को उत्कृष्ट पत्रकारिता के...
By Reporter 5 /
September 4, 2026 /
रायपुर । राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने...
By Reporter 5 /
September 2, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने फिक्की के सहयोग से चेन्नई में छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो का आयोजन किया, जिसमें 130 से...
By Reporter 5 /
September 5, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रहा है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झारआमा के किसान एतवार साय पैकरा ने ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती से सफलता की मिसाल...
By Reporter 5 /
September 3, 2026 /
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 8 स्वास्थ्य विभाग ने जनशिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वार्ड क्रमांक 20 क्षेत्र में कोटा मार्ग स्थित नेकी की दीवार साइट की विशेष सफाई कराई। मौके पर जमा पुराने और अनुपयोगी...
By User 6 /
September 6, 2026 /
सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही सुनिश्चित करने की दिशा में सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। दो दिन पहले मेटागुड़ा गांव के ग्रामीण स्कूल, आंगनबाड़ी भवन और अन्य...
By User 6 /
September 3, 2026 /
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दी है। 20 दिनों के भीतर शहर में कुल चार कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। बढ़ती संख्या से राज्य में हड़कंप मच गया है। राहत...
By Reporter 5 /
September 3, 2026 /
रायगढ़। अदाणी पावर लिमिटेड, छोटे भंडार की सामाजिक विकास इकाई अदाणी फाउंडेशन की ओर से संचालित विज़न केयर कार्यक्रम के तहत रायगढ़ जिले के प्लांट परिधीय क्षेत्र और रेलवे कॉरिडोर से जुड़े 41 गांवों में निःशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा...