रायसेन जिला मुख्यालय से करीब 170 किलोमीटर दूर बसे गांव कोड़ा जमुनिया गाँव में आठवी क्लास तक स्कूल था। भोपाल जबलपुर फोर लेन सड़क निर्माण कंपनी द्वारा इस स्कूल को तोड़ दिया। हालांकि उस समय सड़क निर्माण कम्पनी ने 6 माह में स्कूल बनाने की बात कही थी। मगर, चार साल बीतने पर भी नहीं बना, ऐसे में स्कूल महज एक कमरे में लग रहा है। अब पहली क्लास से आठवीं तक पढ़ने बाले बच्चे एक क्लास में कैसे बैठे?
मामला उदयपुरा विधानसभा के ग्राम कोड़ा जमुनिया का है, जहां से एनएच45 भोपाल जबलपुर फोर लेन हाईबे बनाने के लिए रोड कंपनी द्वारा स्कूल तोड़ दिया गया था। जब स्कूल तोड़ा जा रहा था तो ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसकी बजह से कुछ दिन काम भी बंद रहा। प्रशासन के हस्तक्षेप ओर स्कूल की जगह आवंटन के बाद स्कूल भवन को तोड़ने की अनुमति ग्रामीणों ने इस शर्त पर दी थी कि छह माह में स्कूल भवन बनकर तैयार हो जाएगा लेकिन चार साल बीत गए स्कूल भवन आज तक नही बना।
स्कूल भवन निर्माण के लिए एसडीएम ओर ग्रामीणों के सतत प्रयास से भवन निर्माण के लगभग 82 लाख की मुआवजा राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जिला पंचायत आज तक किसी एजेंसी को स्कूल निर्माण के लिए अधिकृत नहीं कर सकी। अगर फरवरी तक यह भवन निर्माण शुरू नही हुआ तो हो सकता है यह राशि लेप्स हो जाये ग्रामीणों की चिंता भी जायज है। सड़क निर्माता कंपनी अगर कोई बिल्डिंग तोड़ती है तो उसका निर्माण भी करा कर देती है लेकिन कोड़ा जमुनिया गाव का दुर्भाग्य कहे यहां कुछ नही किया यहां तक कि बच्चों के भविष्य का ख्याल भी नही रखा गया, जो गरीब बच्चे इस स्कूल में पड़ते थे उनकी पढ़ाई तो छुटी ओर कई बच्चे तेंदूखेड़ा ओर देवरी पढ़ने जाने को मजबूर है ऐसे में पालको पर अतिरिक्त पढाई का बोझ बढ़ गया अब देखना होगा कि कब तक स्कूल बिल्डिंग बनकर तैयार होती है ।










