रायपुर। नौ तपा शुरू होने के साथ राज्य में लू चल रही है। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया ऐसे समय में धूप में निकलने वालों के लिए खुद को लू से बचा पाना एक बड़ा चैलेंज होता है तो आइए जानते हैं किन उपायों को अपनाते हुए आप खुद को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकते हैं।
लू लगने के लक्षण
लू लगने के बाद शरीर अपना तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता है और टेंप्रेचर लगातार बढ़ता चला जाता है।
शरीर का ताप बढ़ने के बाद भी पसीना बिल्कुल नहीं आ रहा होता है।
लगातार जी-मिचलाता है और उल्टी भी हो सकती है।
त्वचा पर लाल निशान, रैशेज या चकते दिख सकते हैं।
दिल की धड़कने तेज रहती हैं।
सिर में दर्द बना रहता है।
मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है, कुछ भी सोचने-समझने की शक्ति नहीं रहती है।
कुछ सोचने की कोशिकर करो तो चीजें याद नहीं आती हैं।
बुखार बढ़ता जाता है।
त्वचा रूखी लेकिन बहुत नर्म महसूस होती है।
लू लगने का कारण
ठंडे मौसम से या कहिए कि एसी रूम से अचानक तेज धूप और गर्मी में आ जाना।
गर्म हवाओं और धूप में अधिक समय बिताना।
तेज गर्मी के मौसम में अधिक एक्सर्साइज करना।
शरीर की आवश्यकता से कम पानी पीना।
गर्मी के मौसम में ठंडी तासीर की चीजों का सेवन ना करना या कम करना। जैसे, दही, खीरा, तरबूज इत्यादि।
सही कपड़ों का चुनाव ना करना। ऐसे कपड़े पहनने से बचें, जिनमें हवा पास ना होती हो। कॉटन पहनना सबसे सही है।
एल्कोहॉल का अधिक सेवन करना भी गर्मी के मौसम में भारी पड़ता है और लू लगने की वजह बनता है। क्योंकि इससे शरीर की तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर होती है।
लू लगने पर क्या करें
यदि किसी कारण तेज गर्मी में घर से बाहर निकलना पड़े तो नींबू पानी या इलेक्ट्रॉल पीकर निकलें।
सोडा, कोल्ड ड्रिंक, कॉफी और चाय से जितना हो सके दूर रहें। ये शरीर में पानी की मात्रा को कम करने काम करती है। इससे लू लगने की आशंका बढ़ जाती है।
धूप में निकलने से पहले कॉटन के कपड़े पहनें और फुल बाजू के कपड़े पहनें।
धूप से बचाव के लिए छाते का उपयोग करें। सिर को तौलिया से ठंडे या हैट पहनें।
तेज धूप और गर्म हवाओं में निकलने से बचें।
शरीर में फ्लूइड की मात्रा को पूरा करने के लिए सिर्फ ताजे पानी पर निर्भर ना रहें। बल्कि ठंडा दूध और नारियल पानी जैसे देसी पेय जरूर पिएं।
नाक और मुंह के हिस्से को मास्क से कवर रखें या फिर रुमाल बांधकर रखें।
गमछा, तौलिया या सूती स्कार्फ से अपने कान जरूर कवर करके रखें। कान ढंके रहने पर शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
पानी की बोतल साथ लेकर चलें और प्यास को बर्दाश्त ना करें।
कभी भी भूखे पेट धूप में या गर्म हवाओं में न जाएं।
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