Google Analytics Meta Pixel 6 जुलाई को,प्रदेशभर में ‘मुनगा’ पौधरोपण का विशेष अभियान - Ekhabri.com

6 जुलाई को,प्रदेशभर में ‘मुनगा’ पौधरोपण का विशेष अभियान

रायपुर। पौष्टिकता से भरपूर मुनगा को आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सहजन (मुनगा) लम्बी फलियों वाली एक सब्जी का पेड़ है जो भारत के साथ-साथ अन्य कई देशों में उगाया जाता है. सहजन के बारे में विज्ञान में प्रमाणित किया गया है कि इस पेड़ का हर अंग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभदायक है. इसे अग्रेजी में मोरिंगा तथा ड्रमस्टिक ट्री कहते हैं. भारत में ज्यादातर लोग सहजन की फली को सब्जी व अन्य प्रकार के भोजन के रुप में इस्तेमाल करते हैं. सहजन के पेड़ की खासीयत यह है की इसका पेड़ कहीं भी आसानी से लग जाता है और इसे बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती. इसके साथ ही यह काफी तेज़ी से बढ़ता है. भारतीयों के लिए गर्व की बात है कि यह मूल उत्तर भारत से ही दुनिया भर में फैला है, भोजन और उपचार के लिए अतिरिक्त सहजन का प्रयोग पानी साफ करने और हाथ धुलने के लिए भी किया जा सकता है.

यह डायबिटीज से लेकर कैंसर जैसे भयंकर बीमारियों तक के लिए चमत्कारी होता है। यह भी बताया जाता है कि मुनगा मल्टीविटामिन से भरपूर होता है। इसकी पत्तियों में प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन बी-6, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई पाया जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इसमें आयरन, मैगनिशियम, पोटेशियम और जिंक जैसे मिनरल भी पाए जाते हैं।

स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और छात्रावासों में रोपे जाएंगे मुनगा के पौधे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा 6 जुलाई को राज्य भर में ‘मुनगा’ पौधरोपण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के समस्त शासकीय स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और छात्रावास-आश्रमों में मुनगा के पौधे का रोपण किया जाएगा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि यह अभियान मुख्यमंत्री श्री बघेल के कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में अहम् भूमिका निभाएगा। राज्य शासन द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण अभियान को शासन-प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों के सहयोग से सफल बनाना है। इस महत्वपूर्ण कार्य को अभियान का रूप देने के लिए राज्य भर में एक ही तिथि 6 जुलाई निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मुनगा हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। राज्य के स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और छात्रावास-आश्रमों में इसके रोपण से मुनगा की सहजता से उपलब्धता होगी वहीं इन संस्थाओं के परिसरों में हरियाली सहित पर्यावरण के संरक्षण तथा संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा।

दूध पिलाने वाली माताओं के लिए सहजन अतयंत लाभकारी है :-

Read Also  काँग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम हुए कोरोना पॉजिटिव

सहजन की पत्ती में घी को गर्म करके प्रसूता स्त्री को दिए जाने का पुराना रिवाज है, इससे दूध की कमीं नहीं होती और जन्म के बाद भी कमजोरी व थकान आदि का भी निवारण होता है. बच्चों का स्वास्थ्य सही रहता है और वजन बढ़ता है. सहजन में पाये जाने वाला पर्याप्त कैल्शियम किसी भी अन्य कैल्शियम सप्लीमेंट से कई गुना अच्छा है.

यह ब्लड शुगर लेबल और कोलेस्ट्राल लेवल संतुलित करता है :-

यह हाई ब्लड शुगर लेवल को कम करता है, कोलेस्ट्राल कम करने की वजह से यह हदय के लिए अच्छा है.

हदय रोग, मेरा घोलिक डिस आर्डर जैसे डायबिटिज :-

इन्सुलिन रेजिस्टेंस आदि की वजह से होने वाली जलन और सूजन से सहजन राहत दिलाता है, सहजन की पत्ती की अतिरिक्त इसकी फली फूल बीज में भी यह गुण पाये जाते हैं. सहजन की सब्जी खाने से भी यह लाभ उठाये जा सकते है.

सहजन कैन्सर प्रतिरोधी है –

इसमें Kaempferol, Querecetin, Rdanmnetion जैसे एंटी ऑक्सिडेंट त्तव पाए जाते हैं यह स्कीन लीवर फेफड़े और गर्भाश्य के कैंसर होने से सुरक्षा करता है.

किडनी स्टोन की समस्या में सहजन कारगर है – यह किडनी में जमें आवश्यक कैल्शियम को शरीर से बाहर निकालता है, इससे स्टोन नहीं  बनना और यह किडनी स्टोन से होने वाले दर्द और जलन को भी कम करता है.

सहजन के फूलो की चाय :- मोनिंगा फ्लावर न्यूट्रीशनल गुणों से भरपूर है, यह चाय यूरिन इन्फैक्शन, सर्दी जुकाम ठीक रहती है, सहजन के फूलों को सलाद के रूप में भी सेवन किया जाता है.

Read Also  राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव हुये कोरोना संक्रमित, दूसरी बार आये हैं चपेट में

यह अनिद्रा हाइपरटेंशन, एनिमिया आंत का अल्सर भी ठीक करता है और घाव जल्दी भरता है, दिमागी स्वास्थ्य के लिए सहजन लाजवाब है.

सहजन के बीजों से पानी साफ करना – सहजन पानी साफ करने में भी कारगार है, जिसका सर्दियों में प्रयोग होता है, इसके बीजों को कूटकर पानी में मिलाने से हानिकारक शैवाल और प्रदुषक तत्व अलग हो जाते हैं.

सहजन जानवरों के लिए चारा के रूप में – यह जानवरों के लिए चारे के रूप में प्रयोग किया जाता है. दूध देने वाले जानवर अधिक दूध देते है और मांस के लिए पाये जाने वाले मवेशी खूब स्वस्थ रहते है.

सहजन का तेल (BEN OIL) :  यह ज्यादा दिनों तक रखने से उड़ जाती है इसलिए इसका प्रयोग समय के अनुसार किया जाता है. यह बेन आयल कभी खराब नहीं होती, यह अमुमन मिठी होती है और इसमें कोई खुशबू नहीं होती. अतः यह परफ्यूम बनाने में उपयोग किया जाता है.

कई स्कीन रोगों में सहजन का उपयोग :- सहजन का उपयोग करके स्किन रोगों में लाभ प्राप्त किया जा सकता है. सहजन का तेल सोरायसिस, एक्जिमा रोग में लगाने से ल्राभ होता है. बीजो का यह तेल एम्ने और ब्लैकहेड्स की समस्या में चेहरे पर लगायें.

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


श्रवण यंत्र मिलते ही लौटी प्रमिला की सुनने की क्षमता, सपनों को मिले पंख

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। आधुनिक तकनीक और समय पर मिली सरकारी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, नारायणपुर जिले की कक्षा 8वीं की छात्रा प्रमिला इसकी मिसाल बन गई है। श्रवण बाधिता के कारण लंबे समय से...

रायपुर में नई पहल, मरीन ड्राइव पर मुफ्त पढ़ने की खास सुविधा

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव स्थित स्प्री वॉक परिसर में जिला प्रशासन के नवाचार प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को प्रोजेक्ट अक्षरा का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत मरीन ड्राइव में...

छत्तीसगढ़ बनेगा भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र, साय ने बताया रोडमैप

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 18 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे उद्यमियों, निवेशकों...

नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का शुभारंभ

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। करीब 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है।...

रायपुर में 25 लाख दीयों से जगमगाई राजधानी, ‘आशीर्वाद का दीया’ बना रिकॉर्ड

By User 6 / September 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में रायपुरवासियों ने 25 लाख से अधिक दीये जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी शुभकामनाएं...

झीरम घाटी हत्याकांड में 10 दोषियों को मृत्युदंड, सीएम साय ने बताया न्याय की जीत

By User 6 / September 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। 25 मई 2013 को हुए इस माओवादी हमले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के...

एचडीएफसी बैंक के 25 साल पूरे, मुख्यमंत्री साय ने किया विशेष लोगो विमोचन  

By User 6 / September 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ में बैंक की सेवाओं के 25 वर्ष पूरे होने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस...

महतारी वंदन योजना से बदली लोकेश्वरी की जिंदगी, बढ़ा आत्मनिर्भरता का भरोसा

By User 6 / September 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास का आधार बन रही हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग देने के उद्देश्य से संचालित महतारी...

विश्वकर्मा जयंती पर मुख्यमंत्री साय का संदेश, हुनर और श्रम का सम्मान जरूरी

By User 6 / September 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर...

25 को अनंत चतुर्दशी, विधि के साथ करिए लम्बोदर महाराज की बिदाई

By User 6 / September 20, 2026 / 0 Comments
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर अनंत चतुर्दशी (Anant chaturdashi 2026) मनाई जाती है और इस दिन गणेश विसर्जन किया जाता है। इस अवसर पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद गणेश जी की...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *