अमेरिकी वैज्ञानिकों ने सभी तरह के कपड़ों के लिए एक विशेष प्रकार की सस्ती और नान-टाक्सिक कोटिंग तैयार की है, जिससे कोविड-19 जनित करने वाला वायरस करीब 90 फीसद तक बेअसर होगा। जरनल एसीएस एप्लाइड मैटीरियल्स एंड इंटरफेसेज में प्रकाशित इस कोटिंग के बारे में बताया गया है कि भविष्य में इनका इस्तेमाल कपड़ों पर एंटीवायरल स्प्रे के रूप में किया जा सकता है।
कनाडा की ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी की शोध छात्रा और शोधकर्ता टेलर राइट ने कहा कि जब आप किसी अस्पताल में जाते हैैं तो आप जिस तकिये पर अपना सिर रख रहें हैैं वह वाकई साफ है या नहीं या वह तकिया संक्रमित तो नहीं है। फ्रंटलाइन वर्कस के लिए यह कोटिंग कोविड-19 के संक्रमण्ा के भय को कुछ हद तक कम कर देगी। उनके लिए पीपीई किट पहनने की दिक्कतें भी काफी हद तक कम हो जाएंगी।
शोधकर्ताओं ने कपड़े में बैक्टीरिया को मारने वाली इस पालीमर कोटिंग को सोख लिया। इस कोटिंग में ऐसे मालीक्यूल (अणु) हैैं जो कपड़े पर लाइट डाले जाने पर आक्सीजन के स्टर्लाइजिंग स्वरूप को रिलीज करते हैैं। इस विशेष कोटिंग वाले कपड़े पर अल्ट्रावायलेट (यूवी) लाइट डाले जाने पर यह घोल ठोस, कपड़े पर एक परत बना देता है। यूबीसी में प्रोफेसर माइकल वुल्फ ने कहा कि यह कोटिंग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एंटीमाइक्रोबायल खूबियां रखती है। इसके सभी तत्व मनुष्यों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैैं। यह सारी प्रक्रिया सामान्य तापमान में एक घंटे में पूरी हो जाती है। यह माइक्रोब्स कपड़े से चिपकते नहीं हैैं और इससे कपड़े की मजबूती पर भी असर नहीं पड़ता है। सूती, पालीएस्टर, डेनिम और सिल्क जैसे सभी प्रकार के कपड़ों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।










