रायपुर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती
रायपुर । राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संस्थान का उद्घाटन करते हुए यहां उपलब्ध कैंसर उपचार सुविधाओं और अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनरी का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. संदीप दवे के भाई का कैंसर से निधन हुआ था। इस व्यक्तिगत पीड़ा ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्य करने के संकल्प को और मजबूत किया। इसी संकल्प का परिणाम आज रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में सामने आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान आने वाले समय में हजारों-लाखों मरीजों को बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
# एक ही परिसर में जांच और उपचार की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ा है। अब कैंसर मरीजों को एक ही परिसर में जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने डॉ. संदीप दवे और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की ऐसी स्वास्थ्य संबंधी पहल प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को गति देती है।
साय ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार को गति मिली और वर्तमान सरकार भी पिछले ढाई वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेशवासियों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हों।
# कैंसर की रोकथाम के लिए स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच जरूरी
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के पीछे सेवा और संवेदना की भावना जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि कैंसर केवल मरीज की बीमारी नहीं है, बल्कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होता है। डॉ. रमन सिंह ने कैंसर की समय पर पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं बेहतर होती हैं।
उन्होंने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में पहले से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के साथ अब कैंसर उपचार की सुविधा जुड़ने से मरीजों को एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
# 15 मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं से बढ़ा स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण नई कड़ी जुड़ी है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से आने वाले मरीजों को भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 10 हुई, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बाद प्रदेश में अब 15 मेडिकल कॉलेज हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में दो नए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों पर भी काम चल रहा है। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाने की आवश्यकता कम हुई है। जगदलपुर में हृदय संबंधी जटिल सर्जरी भी संभव हो रही है। वहीं बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ हो चुका है।
# कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
शुभारंभ कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ, अस्पताल प्रबंधन के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










