Google Analytics Meta Pixel औषधीय पौधों की खेती का सफल प्रयास - छत्तीसगढ़ के किसानों में जगी नई आस - Ekhabri.com

औषधीय पौधों की खेती का सफल प्रयास – छत्तीसगढ़ के किसानों में जगी नई आस

 

प्रति एकड़ 75 हजार से डेढ़ लाख रूपए तक की आमदनी

 

रायपुर, 08 अक्टूबर 2023/छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा महत्वपूर्ण औषधीय पौधे- सैलेशिया, नन्नारी, मिल्क थिसल, पुदीना, यलंग-यलंग, सिट्रोडोरा एवं गुड़मार आदि पौधे का छत्तीसगढ़ में कृषिकरण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इन प्रजातियों के कृषिकरण से किसान प्रति एकड़ 75 हजार से डेढ़ लाख रूपए तक की आमदनी प्राप्त कर सकते है।

IMG 20231009 WA0005

इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में औषधीय प्रजातियों का कृषिकरण किए जाने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के अतिरिक्त अन्य फसल के वाणिज्यिक कृषिकरण को बढ़ावा देकर स्थानीय कृषकों के आर्थिक लाभ को बढ़ाना एवं कृषिकरण के प्रति उनका मनोबल बढ़ाना है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में औषधि पादप बोर्ड द्वारा किसानों को दी जा रही सहुलियत के फलस्वरूप इनकी खेती के लिए भरपूर प्रोत्साहन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 108 एकड़ में प्रायोगिक तौर पर बच की खेती तथा 800 एकड़ से अधिक रकबा में लेमन ग्रास की खेती की जा रही है।

IMG 20231009 WA0002

राज्य औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु औषधीय प्रजातियों के लिए बहुत उपयुक्त है। बोर्ड का यह प्रयास है कि किसानों को उपरोक्त प्रजातियों के फायदे एवं कृषिकरण की जानकारी देकर इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना। उक्त प्रजातियों के कृषिकरण का प्रयास बोर्ड द्वारा जा चुका है, जो सफल हुआ है। ये औषधीय पौधे कई बीमारियों में उपयोग किये जाने के कारण इनका बाजार मांग अधिक होने के साथ-साथ अत्यधिक मूल्य वाले प्रजातियॉ है।

Read Also  अदाणी फाउंडेशन ने शिक्षक दिवस पर किया शिक्षकों का सम्मान

IMG 20231009 WA0001

मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे.ए.सी.एस. राव ने जानकारी दी कि इसका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना एवं पलायन करने वाले युवाओं को भी बेहतर भविष्य की तरफ ले जाना है। उक्त प्रजातियों के कृषिकरण हेतु निःशुल्क पौधे एवं मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य पंरपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा दिया जा रहा है एवं बोर्ड द्वारा मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।

IMG 20231009 WA0004

सैलेशिया बहुवर्षीय काष्ठीय लता वाली झाड़ी है इसके जड़ औषधीय महत्व के होते है, जिनका उत्पादन किया जाता है। इसके जड़ का उपयोग मोटापा कम करने व मुख्य रूप से डायबिटिस रोग में किया जाता है। साथ ही इसके तने में भी औषधीय गुण सैलेषिलॉन मैंजीफेरीन पाये जाते है, जिसका बाजार मांग है। इसकी खेती बीज एवं तने के कटिंग से की जाती है। एक एकड़ में रोपण हेतु 3000 पौधे की आवश्यकता होती है। एक एकड़ से सालाना 2.00 लाख रूपये प्राप्त होता है। इसे प्रत्येक 4 वर्षो में संग्रहण किया जाता है।

IMG 20231009 WA0009

नन्नारी एक बहुवर्षीय काष्ठीय लता है, जिसके जड़ का उपयोग औषधीय में किया जाता है। इसके जड़ में बिटा-साइक्लोडेस्ट्रीन (वनीला फ्लेवर) पाया जाता है। यह एन्टीआक्सिडेंट से भरपूर होता है। जिसका उपयोग हर्बल हेल्थ ड्रिंक्स में किया जाता है। इसकी बाजार मांग अंतराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक है। इसके खेती से किसान एक एकड़ से 1.5 साल में 5 से 6 लाख रूपये की आय प्राप्त कर सकते है। जो कि अन्य फसल के ख ेती से प्राप्त नही की जा सकती है। इसकी खेती हेतु रेतीली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। पौधे से 18-30 माह में जड़ का संग्रहण किया जाता है। एक एकड़ से 2 टन सूखा जड़ प्राप्त होता है। इसका बाजार मूल्य 300 रू. है। एक एकड़ से किसान को 5 से 6 लाख रू. आय प्राप्त होती है।

Read Also  दिल्ली के GTB अस्पताल में बदमाशों ने मरीज को गोलियों से भूना

IMG 20231009 WA0006

मिल्क थिसल बहुवर्षीय शाकीय पौधा है। यह एक प्रकार का खरपतवार जैसा है, जो आसानी से फैलता है। यह एक शोध पौधा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से लीवर रोग में किया जाता हैे। इस कारण इसका बाजार मांग अत्यधिक है। इसे किसी भी प्रकार के मिट्टी में लगाया जा सकता है। इसके बीज का छिड़काव कर खेती की जाती है। इसके बीज का छिड़काव अक्टूबर माह में किया जाता है। इसके बीज का संग्रहण जुलाई से अगस्त माह में किया जाता है। इस पौधे की यह विशेषता है कि इसे कम पानी एवं किसी भी प्रकार के मिट्टी में लगाया जा सकता है। यह एक रवी फसल है, जो धान के फसल लगाने के पश्चात इस फसल को लगाकर किसान एक एकड़ से लगभग 50 से 60 हजार का मुनाफा प्राप्त कर सकते है।

IMG 20231009 WA0007

पुदीना सामान्य शाकीय पौधा है, यह रवी फसल के रूप में अक्टूबर माह में लगाया जाता है, जो 4 से 5 माह में तैयार हो जाता है। इसे खरीफ फसल के बाद वाणिज्य फसल के रूप में छत्तीसगढ़ में 2 वर्षो से सफल कृषिकरण किया जा रहा है। एक एकड़ से लगभग 30 से 50 किलोग्राम तेल प्राप्त किया जाता है। किसान अपने खेत में लगाकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते है। यह बहुत ही कम देखभाल वाला पौधा है। इसके तेल की बाजार मांग अच्छी है। पुदीना की खेती से किसान एक एकड़ से 30 से 50 हजार रूपए तक की आय प्राप्त कर सकते है।

IMG 20231009 WA0008

खुशबूदार पौधे में यलंग-यलंग, जिसे इत्रों की रानी कहते है। यह तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है। इसके पेटल से खुशबूदार तेल

Read Also  बिहार विधानपरिषद में मुख्यमंत्री नीतीश को नोबल पुरस्कार देने की उठी मांग

प्राप्त होता है। यह छत्तीसगढ़ के जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है। इसके तेल का उपयोग एंजाटि, उच्च रक्तचाप आदि में मुख्य रूप से किया जाता है। तीन वर्ष पश्चात् पौधे से फूल उगने लगते है। इसके तेल की कीमत काफी ज्यादा होती है। ऐसे में पौधे का कृषिकरण करने पर किसानों को कई गुणा लाभ इस फसल से होगा जो अन्य पारंपरिक खेती ज्यादा है।

अन्य सुगंधित पौधे के रूप में सिट्रोडोरा, जो ऊंचा वृक्ष है। यह छत्तीसगढ़ के जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए अच्छी धूप, जल निकासी क्षेत्र व बंजर भूमि में भी लगाया जा सकता है। इसे 4 से 5 वर्ष में जमीन से 5 फीट छोड़ कर तने को काट देने के उपरांत आये पत्तियों का संग्रहण किया जाता है। इसकी पत्तियों से नींबू की सुगंध आती है। इसका तेल एंटीसेप्टिक व जीवाणुरोधी है। इसका उपयोग खांसी और गले में खराश व अन्य संक्रमण में राहत के लिए किया जाता है। इसके तेल का बाजार मूल्य 1200 प्रति लीटर है एवं किसान इसकी खेती कर एक एकड़ से एक लाख रूपए सालाना आय प्राप्त कर सकते हैं।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


देश में बढ़ रहे तेजी से H1N1 के मामलों, कही आपको भी तो नहीं है यह लक्षण

By User 6 / August 11, 2026 / 0 Comments
दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में इस मॉनसून इन्फ्लूएंजा, खासकर H1N1 के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले साल इसी अवधि में जहां H1N1 के 229 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल अब तक 1,344 मामले दर्ज किए...

राजनादगांव में ED की दबिश, जानिए कहां कहां पड़ा छापा

By User 6 / August 13, 2026 / 0 Comments
राजनांदगांव। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गुरुवार तड़के राजनांदगांव में कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। जानकारी के मुताबिक भोपाल और रायपुर से पहुंची ईडी की अलग-अलग टीमों ने शहर से लगे तीन स्थानों पर कार्रवाई शुरू की।...

रायपुर में सुकमा की पुनर्वासित बेटियों ने रैंप पर दिखाई नई पहचान

By User 6 / August 8, 2026 / 0 Comments
रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में सुकमा जिले के चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों ने पहली बार बड़े...

12 अगस्त की तारीख रखे याद, उस दिन पड़ने वाला है सूर्य ग्रहण

By User 6 / August 10, 2026 / 0 Comments
इस साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से इस सूर्य ग्रहण को खास माना जा रहा है। कई राशियों में इसका असर नजर आएगा। भारतीय समय के अनुसार...

महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त, 67 लाख महिलाओं को लाभ

By User 6 / August 8, 2026 / 0 Comments
रायपुर । छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के...

महतारी वंदन योजना से महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता

By User 6 / August 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर ।छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तीकरण की दिशा में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो...

जम के बरसेंगे मेघा, छत्तीसगढ़ में 22 जिलों में अलर्ट जारी

By User 6 / August 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. यही कारण है कि कई जगहोंमे जल भराव की स्थिति बन गई . राजधानी रायपुर...

कोशल फैब लॉन्च, 10.90 करोड़ सहायता, बुनकरों को नई पहचान

By User 6 / August 8, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 7 अगस्त 2026। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’का शुभारंभ...

उज्जैन से लौट रहे भक्तों की गाड़ी ईको को कंटेनर में मारा ठोकर, 6 की मौत

By User 6 / August 9, 2026 / 0 Comments
उज्जैन। महाकाल दर्शन कर गुजरात लौट रहे श्रद्धालुओं की ईको को कंटेनर ने मारी टक्कर, 6 की मौत उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के बाद गुजरात लौट रहे श्रद्धालुओं की ईको कार को पंचकवासा के पास रॉन्ग साइड से...

पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तारीख बदली छत्तीसगढ़ में

By User 6 / August 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर। शिक्षक भर्ती परीक्षा और पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तारीख एक ही दिन पड़ने से अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तारीखों...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *