जिंदगी संभालने को तो जिंदगी पड़ी है, अभी संभालने की जरूरत उस वक्त को है जहां जिंदगी खड़ी है। इस समय के पहले अच्छा समय था ये लोग कहते हैं, ये समय भी जीवन भर साथ नही रहेगा गुजर जायेगा।
जरूरत बस खुद को संभाले रखने की पड़ी है।
परीक्षा की घड़ी भी बड़ी बड़ी सीख दे जाती है। हम जिस चीज को नहीं सीख सकते उसे यह परिस्थिति सीखा रही है। संयम ही समय की मांग है इस बात का एहसास यह महामारी करा रही है।










