सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर में स्वास्थ विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मेडिकल वेस्ट का निपटान ठीक से नहीं किया जा रहा है। अस्पताल परिसर में कहीं सीरिंज पड़े है तो कहीं कैनुला बिखरा है, तो कहीं खून से सने कपड़े। यहां तैनात स्वास्थ अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक को इसकी कोई परवाह नहीं है कि इससे लोगों को इन्फेक्शन फेल सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडी वेस्ट डिकंपोजिशन के नाम पर हर महीने एजेंसियों को हजारों रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है। कोरोना के मामले फिर से सामने आ रहे हैं। इस सबके बीच इस तरह की लापरवाही से शहर में कोरोना तेजी से पैर पसार सकता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जहां एक तरफ सुविधाओ में विस्तार होता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर लापरवाही भी बढ़ती जा रही है। यहां मेडिकल वेस्ट को डिकंपोज करने में लापरवाही बरती जा रही है। यहां सिजेरियन सहित अन्य छोटे ऑपरेशन की सुविधा शुरू हो गई है। ऐसे में और अधिक सावधानी की बरते जाने की आवश्यकता है। इसके उलट यहां लापरवाही बढ़ती जा रही है। मरीजों को लगाए जाने वाले इंजेक्शन के सीरिंज खुले में फेंक दिए जा रहे हैं। खून और सलाइन चढ़ाने के लिए लगाया जाने वाला कैनूला भी खुले में ही फेंक दिया जाता है। इसके अलावा मरीजों के खून से सने कपड़े और ऑपरेशन थिएटर में पहने जाने वाला गाउन भी उपयोग के बाद ऐसे ही फेंके जा रहे हैं। घाव में लगाने वाली पट्टी को भी फेंका जा रहा है। मरीज के परिजनों के कचड़ा डालने के लिए रखा गया डस्टबिन गायब कर दिया गया है।
हास्यास्पद यह है कि बीएमओ कार्यालय के सामने ही सारा कुछ किया जा रहा है, लेकिन बीएमओ को कुछ दिखाई नही दे रहा है। डस्टबिन के गायब रहने के प्रश्न पर बचकाना जवाब दिया जाना कि मेरे संज्ञान में नहीं है।










