दुनिया पर खाद्यान्न् संकट का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन ने इस स्थिति के लिए रूस को जिम्मेदार बताया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अगर जल्द ही गतिरोध खत्म नहीं हुआ तो दसियों लाख लोगों भूख का सामना करना पड़ सकता है। जेलेंस्की ने कहा है कि उनके देश के पास 2.2 करोड़ टन गेहूं का भंडार है जिसे निर्यात कर संकट को टालने में सहयोग दे सकते हैं लेकिन रूसी नौसेना द्वारा बंदरगाहों की घेराबंदी के कारण जहाज रवाना नहीं हो पा रहे हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि समुद्री रास्ता बंंद होने से यूक्रेन गेहूं, मक्का, सूरजमुखी का तेल और अन्य खाद्य पदार्थों का निर्यात नहीं कर पा रहा है। अगर यूक्रेन निर्यात में सक्षम हो तो दुनिया में खाद्य पदार्थों की कीमत नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने रूस पर खाद्यान्न् को हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, जबकि रूस ने कहा है कि पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों के चलते दुनिया पर खाद्य संकट मंडरा रहा है। पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाकर खाद्य संकट का खतरा पैदा किया है। तुर्किये ने रूस की प्रतिबंध हटाने की अपेक्षा का समर्थन किया है। कहा है कि रूस सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है। उसके निर्यात पर से प्रतिबंध हटाकर खाद्य संकट को खत्म किया जा सकता है। इससे महंगाई के नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। लेकिन इटली सहित पश्चिमी देश रूस से प्रतिबंध हटाने के मुद्दे पर अब चुप हैं। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश्ाों ने यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं।
दुनिया में खाद्य संकट टालने के लिए सक्रिय इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्रागची ने कहा है कि यूक्रेन अपने मालवाही जहाजों पर हमला न होने का स्पष्ट आश्वासन चाहता है। इसके बाद वह गेहूं का निर्यात करने के लिए तैयार है। यूक्रेन गेहूं का बड़ा निर्यातक है। द्रागची ने यह बात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से टेलीफोन पर बात करने के बाद कही है। खाद्यान्न् संकट पर पेरिस में विकसित देशों के ओईसीडी (आर्गनाइजेशन फार इकोनोमिक कोओपरेशन एंड डेवलपमेंट) समूह की बैठक में चिंता जताई गई। यूक्रेन के जहाज काला सागर से होकर ही किसी देश्ा में जा सकते हैं जबकि काला सागर में रूस ने युद्धपोत तैनात कर पिछले तीन महीने से वहां आवागमन बंद कर रखा है। रूस ने अपने ऊपर पश्चिमी देश्ाों के लगाए प्रतिबंध हटाए जाने के बाद ही काला सागर से आवागमन सुनिश्चित कराने और अपना गेहूं निर्यात करने की बात कही है।










