कभी कभी दिमाग कहता है कि सामने वाला आपके साथ जैसा व्यवहार करे वैसा ही आप भी करिए लेकिन अंतरात्मा कहती है की फिर उसमे और आप में क्या अंतर होगा।
ये सच है कि हर रिश्ते और संबंधों का आधार आपके व्यवहार पर निर्भर करता है। आप जैसे सोच रखोगे संबंध में भी वही बातों को महसूस करोगे। इस लिए हमे अपने अच्छे व्यवहार के साथ हर संबंध को सहेज के रखने का और उसे और भी ज्यादा मजबूती देने का प्रयास करना चाहिए।










