मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जंगली हाथियों के हमले में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा सोमवार को ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के सनौसी, डोडा और कोल्हा घटवा बराछ के जंगलों में हुआ, जब ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे। मृतकों की पहचान उमेश कोल, देवगनिया बाई और मोहनलाल पटेल के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है।
उमेश कोल (सनौसी कारकी बहरा), देवगनिया बाई (डोडा) और मोहनलाल पटेल (कोल्हा घटवा बराछ) तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए थे। इस दौरान हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य ग्रामीणों ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हादसे के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) अजय पाण्डेय ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए समूह में जाएं। एडिशनल SP अभिषेक दिवान ने बताया कि शवों पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों को जंगल में प्रवेश से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, “शहडोल जिले में तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर हाथियों के हमले में तीन ग्रामीणों की मृत्यु का अत्यंत पीड़ादायक समाचार प्राप्त हुआ है।” उन्होंने वन विभाग को हादसे की जांच के निर्देश दिए और प्रत्येक मृतक के आश्रित परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।










