Google Analytics Meta Pixel परम्परागत रूप से एक दिन बाद मनाया जाता है यहां दशहरा, जानें क्या है इसके पीछे की कहानी - Ekhabri.com

परम्परागत रूप से एक दिन बाद मनाया जाता है यहां दशहरा, जानें क्या है इसके पीछे की कहानी

(Ekhabri विशेष), पूनम ऋतु सेन। अश्विन शुक्ल एकादशी को पूरे भारतवर्ष में दशहरा बडे ही धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में इसके अलग अलग स्वरूप दिखायी देते है, किसी स्थल पर इसकी अलग मान्यताएँ होतीं हैं तो कहीं अलग। ऐसा ही एक स्थल है छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले का नगरी।



नगरी में दशहरा कई वर्षों से दशमी तिथि को न मनाकर एकादशी तिथि को मनाया जाता है। एक दिन बाद पर्व के आयोजन को लेकर पुरानी मान्यतायें हैं। कहा जाता है कि यह स्थल पूर्व में बस्तर राज्य का अभिन्न हिस्सा था, जिसमें नगरी रियासत का क्षेत्र बस्तर राजा के निर्देशों से संचालित किया जाता था।

14वीं शताब्दी के बाद से आजादी के समय तक बस्तर अंचल में काकतीय वंश का राज था, अन्नमदेव इस वंश के पहले राजा हुए, जबकि इसके चौथे क्रम के राजा पुरूषोत्तम देव ने विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे की शुरआत की। इस बस्तर दशहरे की प्रसिद्धि ऐसी थी कि आस पास के सभी निवासी, प्रतिनिधि करने वाले राजा सभी इस उत्सव में शामिल होने बस्तर जाया करते थे।



इसी काकतीय वंश के अंतिम राजा प्रवीरचंद भंजदेव भी परंपरा का निर्वहन करते हुए दसवीं तिथि को बस्तर दशहरा संपन्न करते थे। वे दंतेश्वरी माता के परम भक्त थे। माँ दन्तेश्वरी की उपासना करने वाले यह राजा नगरी अंचल के लोगों के प्रिय शासक थे। दशमी को बस्तर दशहरा मनाने के बाद नगरी में एकादशी के दिन वे यहाँ आया करते थे और इसी दिन रावण के प्रतीकात्मक पुतले को मारकर विजयदशमी का पर्व मनाया करते थे और तब से यह प्रथा आज भी जारी है।

Read Also  शराब पीकर लड़ाई के कारण छोड़ गई 11 पत्नियां, 12वीं काे उतारा मौत के घाट



इसी दिन आज भी एकादशी को अंचल के लोग दशहरा मनाया करते है। इसी रियासत के अंतर्गत पाँच स्थल सेमरा, बिरगुड़ी, सांकरा, आमगांव व नगरी प्रमुख है इन पांच स्थल के लोग पहले के समय से लेकर आज तक एकादशी के दिन रावण वध कर सत्य के विजय का जश्न मनाते हैं। यही इस अंचल की विशेषता को दर्शाता है। बदलते परिस्थितियों के साथ अंचल में भी स्थितियां बदली, अब यहाँ राजपरिवार शामिल न होकर स्थानीय लोगों द्वारा उत्सव मनाया जा रहा है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ शक्तिपीठ परियोजना: पांच प्रमुख मंदिरों को जोड़कर बनेगा धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर

By User 6 / October 15, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों को विकसित कर धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। छत्तीसगढ़ आस्था पथ योजना के तहत मां महामाया मंदिर रतनपुर, मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, मां दंतेश्वरी मंदिर...

छत्तीसगढ़ में 6 नए मेडिकल कॉलेज मंजूर, स्वास्थ्य सेवाओं पर CM साय का बड़ा निर्देश

By User 6 / October 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और जांच की उपलब्धता तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने पर राज्य सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा...

छत्तीसगढ़ में दीपावली की छुट्टियां बढ़ीं, अब 6 से 11 नवंबर तक स्कूल बंद

By User 6 / October 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए दीपावली अवकाश की अवधि बढ़ा दी है। संशोधित आदेश के अनुसार अब...

सही विधि के साथ करें नवरात्र के व्रत का पारण, मिलेगी माँ की असीम कृपा 

By User 6 / October 19, 2026 / 0 Comments
दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। यह पवित्र पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना और उनका आशीर्वाद पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। नवरात्र व्रत (Shardiya Navratri 2026 Vrat Paran) का पारण...

काशी पंचांग के अनुसार आज है महा अष्टमी, जानिए तिथि और मुहूर्त        

By User 6 / October 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर। इस नवरात्र में तिथियों के घटने और बढ़ने से कंफ्यूजन बना हुआ है। अगर आप भी सप्तमी व्रत, अष्टमी व्रत और अष्टमी कन्या पूजन को लेकर कंफ्यूज हो रहे हैं तो आपको बता दें कि काशी के पंचांग में...

कोंडागांव के बन्नूराम बैद को मिलेगा शिल्प गुरु अवार्ड 2025

By User 6 / October 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोंडागांव जिले के शिल्पकार बन्नूराम बैद का चयन प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए किया गया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास...

आज छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, जानिए किस मंत्र का करें जाप 

By User 6 / October 16, 2026 / 0 Comments
शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भक्त मां की आराधना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं...

भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की खबरें फर्जी, मंत्रालय ने किया खंडन

By User 6 / October 19, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को बेचने की योजना से जुड़ी सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में प्रसारित खबरों को असत्य एवं भ्रामक बताया गया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों...

लौह खदान की तीन गाड़ियों में आग लगाने और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा

By User 6 / October 16, 2026 / 0 Comments
कांकेर। जिले से दिल दहलाने वाली ख़बर सामने आई है, यहां लौह खदान की तीन गाड़ियों में आग लगाने और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा छोड़ने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला लोहत्तर...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सारसमाल में किया कर्मा नृत्य, शिक्षा पर दिया जोर

By User 6 / October 16, 2026 / 0 Comments
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जो...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *