कोरोनाकाल के बाद रेलवे फिर से ट्रैक पर लौट आई है। भारतीय रेलवे स्पेशन ट्रेन के बाद एक और सुविधा लेकर आई है। इसके तहत राज्य या कोई व्यक्ति ट्रेनों को किराये पर लेकर चला सकता है। इन ट्रेनों को ‘भारत गौरव’ नाम दिया गया है। हालांकि रेलवे ने ऐसी ट्रेन चलाने के लिए लेने की कुछ शर्ते तय की है। ट्रैन बुक करने वालों के लिए ये ऑफर बजट फ्रैंडली होगा। फिलहाल 180 भारत गौरव ट्रेनें चलाने की योजना है और इसमें तीन हजार से ज्यादा कोच होंगे। रेलवे ने इसके लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया भी मिल रही है।
रेलवे के मुताबिक, भारत गौरव ट्रेनों का संचालन प्राइवेट सेक्टर व आईआरसीटीसी दोनों की ओर से किया जा सकता है। साथ ही टूर ऑपरेटर द्वारा इसका किराया तय किया जाएगा। यह ट्रेनें भारत की संस्कृति, विरासत को प्रदर्शित करने वाली थीम पर आधारित होंगी, लगभग 180 ट्रेन इसके लिए निर्धारित की गई हैं। यात्री, माल ढुलाई के बाद रेलवे पर्यटन के लिए ट्रेनों का तीसरा सेगमेंट शुरू करने जा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने योजना का ऐलान करते हुए कहा कि स्टेकहोल्डर्स इन ट्रेनों को मॉर्डन बनाएंगे और चलाएंगे, जबकि रेलवे इन ट्रेनों के मेंटेनेंस, पार्किंग और अन्य सुविधाओं को मुहैया कराने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह रेगुलर ट्रेन सर्विस की तरह नहीं होगी और न ही ये आम ट्रेन सर्विस है। भारत गौरव ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य भारत में पर्यटन को बढ़ावा देना है। रेल मंत्री ने कहा कि अभी सिर्फ पर्यटन को फोकस रख कर इन ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा रहा है।










