रायपुर।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस जनअभियान का हिस्सा बनें।
विशेषज्ञों के अनुसार पोलियो की यह खुराक केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत सुरक्षा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाकर समाज को स्वस्थ बनाना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि “हर बच्चे की मुस्कान सुरक्षित रहे और हर बचपन खुशहाल बने, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” इसके लिए घर-घर जाकर टीकाकरण टीमों द्वारा बच्चों को दवा पिलाई जा रही है।
अभियान को सफल बनाने के लिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने परिवार, पड़ोस और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। एक छोटा-सा प्रयास पोलियो मुक्त छत्तीसगढ़ और पोलियो मुक्त भारत के निर्माण में बड़ा योगदान दे सकता है।
*हर बच्चे के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए—दो बूंद ज़िंदगी की।*










