रायपुर और भिलाई में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का जानलेवा खतरा एक बार फिर सामने आया है। राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर के छात्र संकल्प द्विवेदी बड़ी बहन को बाइक से स्कूल छोड़ने जा रहे थे, तभी पंडरी एक्सप्रेस-वे पर तेज धार वाले मांझे से उनका चेहरा उलझ गया। दोनों गाल कटने के कारण छात्र के चेहरे पर कुल 34 टांके लगाने पड़े। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी, क्योंकि गहरे जख्मों के स्थायी निशान बनने की संभावना है। इस हादसे में संकल्प की बहन के हाथ पर भी कट लगा।
भिलाई में श्रमिक भी घायल
इसी तरह, भिलाई में ठेका श्रमिक असलम 14 जनवरी की शाम ड्यूटी समाप्त कर साइकिल से घर लौट रहे थे। नंदिनी रोड पर मांझा उनके गले में उलझ गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। गर्दन पर गहरे जख्म होने के कारण टांके लगे। यह घटनाएं यह साबित करती हैं कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।
सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धार वाले मांझे सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए घातक हैं। बच्चों, स्कूली छात्रों और कामगारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का उपयोग रोकने के लिए प्रशासन को भी सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।










