प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सरकारी कार्यालयों निर्देश दिया है कि अगले महीने से एक ‘अनोखी’ स्वच्छता मुहिम चलाई जाए। इस स्वच्छता मुहिम के तहत साफ-सफाई होगी लंबित शिकायतों, पुरानी-अनचाही फाइलों के निपटान की। साथ ही संसद में दिए आश्वासनों को जुडे मंत्रालयों को भी 31 अक्टूबर से पहले काम पूरा करना होगा। इस संबंध में कैबिनेट सचिवालय की तरफ से विधिवत सभी मंत्रालयों और विभागों को पत्र लिखा गया है। यह पत्र मिलने के बाद सभी कार्यालय 13 सितंबर से जरूरी जानकारी जुटाने में लगे हैं। यानी अभी अक्टूबर से ‘स्वच्छता मुहिम’ की तैयारी हो रही है, ताकि तय तिथि से सभी काम निपटा लिए जाएं।
प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर सभी मंत्रालयों को पत्र लिखने वाले कैबिनेट सचिव राजीव ने बताया कि मौजूदा प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा सकती है, ताकि अनुपालन संबंधी बोझ को कम किया जा सके और जहां संभव हो अनावश्यक कागजी कार्रवाई से बचा जा सके। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस साल अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं की निरंतर आधार पर समीक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी मंत्रालयों को काम करना चाहिए।
इसके तहत कार्य की रूपरेखा 29 सिंतबर तक तैयार होगी और पेंडिंग, पुरानी-अनचाही फाइलों को निपटाने का सिलसिला दो अक्टूबर, गांधी जयंती से शुरू हो जाएगा। गौर हो कि गांधी जयंती को राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सभी सरकारी कार्यालयों को जारी पत्र में संसद में दिए गए आश्वासनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की बात कही गई है। इन आश्वासनों के लिए एक अलग से फाइल बनती है। इस तरह फाइलों का बोझ बढ़ता जाता है। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि इस प्रक्रिया में बदलाव लाया जाए, इसलिए सभी सांसदों से कहा गया है कि लंबित आश्वासनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इस वर्ष, सरकार ने शिकायत निवारण के लिए अधिकतम समय को 60 दिन से घटाकर 45 दिन कर दिया है।










