शेर पर सवार होकर आई संक्रांति

रायपुर। भुवन भास्कर सूर्य नारायण भगवान 14 जनवरी 2021 पौष शुक्ल प्रतिपदा दिन गुरुवार श्रवण नक्षत्र वृष लग्न मकर राशि पर प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से देवताओं का दिन उत्तरायण प्रारंभ हो जायेगा।

जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम के ब्रह्मचारी इन्दुभवान्द जी ने बताया कि पौष मास की संक्रांति सुख देने वाली होगी।

गुरुवार को सूर्य संक्रमण होने से सम्मानीय लोगों को आदर प्राप्त होगा, धार्मिक कार्यों में वृद्धि होगी तथा मनुष्यों में हर्ष एवं आनंद होगा। इस वर्ष संक्रांति शेर पर सवार होकर आ रही है। अत: विंध्य प्रदेश में विशेषकर तथा पूरे भारत मे व्याघ्र, शेरों एवं बाघों की कमी होगी। अश्व संक्रांति का उपवाहन है अत: राजाओं में फूट, वैमनस्य अथवा विरोधी तेवर हो सकते हैं संक्रान्ति का पूर्व की ओर गमन(जाना) है तथा आग्नेय में दृष्टि है। अत: अंग, बंग, कलिंग, बिहार, उडीसा, बंगाल में राजनैतिक उथल-पुथल होगी। राजनैतिक अस्थिरता होने से विप्लव झगडा-फसाद होने की संभावना रहेगी।

इस वर्ष संक्रान्ति श्रवण नक्षत्र में होने के कारण महोदरी संज्ञा है जिसके कारण बुद्धिजीवियों, लेखको, अध्यापकों, ब्राह्मणों आदि को शुभ फलदायक होगी।

चोरों,जमाखोरों,सूदखोरों को भी शुभ फलदायक होगी। सूर्य संक्रान्ति अपरान्ह 2:46 मिनिट पर होने से पुण्यकाल 2:46 से सायंकाल तक रहेगा अत: स्नान दान दोपहर 2:46 के बाद ही करना उत्तम होगा। मकर संक्रांति में खिचड़ी, दाल, गोग्रास, नया बर्तन, तिल, गुड़, कम्बल, उनी वस्त्र दान में देना चाहिए। जो व्यक्ति मकर संक्रांति पर्वकाल में स्नान नहीं करता है वह सात जन्म तक दरिद्री होता है।

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