जहरीली शराब के सेवन से मंगलवार दोपहर से बुधवार शाम तक 36 घंटे के दौरान बिहार में सारण जिले के विभिन्न् गांवों में 31 लोगों की मौत हो चुकी है। सर्वाधिक मशरक के 19 लोगों का पटना मेडिकल कालेज अस्पताल (पीएमसीएच) समेत विभिन्न् अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं 12 लोगों का उपचार छपरा सदर अस्पताल में चल रहा है। मरने वाले 31 लोगों में से 19 का पोस्टमार्टम छपरा सदर अस्पताल में हो चुका है। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े इन सभी के परिजन शराब पीने से मौत होने की बात कह रहे थे। अमनौर में तीन की मौत घर में हुई, परिजन ने इनका बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं तीन लोगों की मौत पटना के पीएमसीएच में होने की सूचना है। एक अन्य ने बुधवार देर रात छपरा से पटना रेफर होने के दौरान दम तोड़ा। दो अन्य की मौत भी घर में ही हुई है, जिनका अंतिम संस्कार हो चुका है।
एसपी संतोष कुमार ने पोस्टमार्टम की संख्या के अनुसार 19 मौत की पुष्टि की है। उन्होंने व डीएम राजेश मीणा ने शराब पीने से मौत से इन्कार नहीं किया। उन्होंन कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकता है। बताया कि बीमारों की निशानदेही पर छापेमारी कर शराब के धंधे में लिप्त कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें डोइला गांव के पिता-पुत्र हरिराम महतो व सूरज महतो भी शामिल हैं। सारण जिले में शराब पीने से बड़ी संख्या में मौत की यह तीसरी घटना है।
परिजन के अनुसार शराब पीने के कुछ घंटे बाद ही लोगों को दिखाई देना बंद हो गया। वहीं उल्टी होने के साथ ही सिर सहित पूरे शरीर में दर्द होने लगा। स्वजन इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल से लेकर अन्य अस्पताल ले गए लेकिन नाजुक हालत वालों को बचाया नहीं जा सका। मौतों का सिलसिला मंगलवार देर रात शुरू हुआ, जो बुधवार रात तक जारी रहा। अभी भी कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। मंगलवार की शाम कुल 70 लोगों के शराब सेवन की बात कही जा रही है। इन सभी ने डोइला गांव के आसपास एक किमी क्षेत्र में शराब पी थी। आक्रोशित लोगों ने बुधवार को मशरक हनुमान चौक के समीप एक शव रखकर जाम कर दिया और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।










