छापेमारी में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के पान मसाला कारोबारी सगे भाइयों के बेड से 6.31 करोड़ की नकदी मिली है। यहां सीजीएसटी आयुक्तालय कानपुर की केंद्रीय निवारक शाखा ने छापेमारी की थी। इस दौरान डबल बेडों के अंदर रखी यह रकम, कच्चा व तैयार माल, एक लैपटाप व दो मोबाइल फोन मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। पान मसाला कारोबारी भाइयों के यहां मिली टैक्स चोरी को लेकर मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। इसको लेकर आगे की जांच की जा रही है।
केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) आयुक्त सोमेश तिवारी ने बताया कि अधिकारियों ने हमीरपुर निवासी तंबाकू-सुपारी उत्पादक दो भाइयों जगत बाबू गुप्ता व प्रदीप गुप्ता के कारखानों और आवासों पर छापेमारी की थी। सुपारी का उत्पादन करने वाली जगत बाबू की फर्म ओजस इंटरप्राइजेज व सेंटेड तंबाकू का उत्पादन करने वाली प्रदीप गुप्ता की श्री इंटरप्राइजेज के साथ ही इनके रिश्तेदार रामावतार गुप्ता व महादेव गुप्ता के घरों पर भी जांच की गई। साथ ही कानपुर के बिरहाना रोड स्थित फर्म के कंसलटेंट कीर्ति शंकर उर्फ श्यामू शुक्ला के कार्यालय में दस्तावेज देखे गए। दोनों सगे भाइयों के आवासों में डबल बेड से अघोषित छह करोड़ 31 लाख 11 हजार 800 रुपये नकद जब्त किए गए। यह राशि बिना दस्तावेज माल बिक्री करके इकट्ठा की गई। कारखानों में अघोषित कच्चे माल के रूप में 15.2 क्विटल सुपारी, छह बोरे तंबाकू व 95 किलो पैकिग रोल के साथ तैयार माल में 13,700 पाउच सुपारी, 3800 पाउच तंबाकू मिली। कच्चे माल से 80 लाख रुपये कीमत का अघोषित माल तैयार किए जाने की बात पता चली। माल की खरीदारी कानपुर के नयागंज के व्यापारियों से करने की बात सामने आई। तैयार माल हमीरपुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जाता था। उन्होंने बताया, पांच स्थानों पर छापेमारी की गई।
पान मसाला कारोबारी भाइयों व उनसे जुड़े पांच स्थानों पर छापेमारी 18 घंटे चली। तीन बक्सों में नोट भरकर भारतीय स्टेट बैंक शाखा हमीरपुर के सुपुर्द किए गए। टीम ने नोट गिनने के लिए तीन मशीनें एसबीआइ और एक व्यापारी के यहां से ली थीं। टीम मंगलवार रात करीब 11:30 बजे कारोबारियों के यहां से निकल गई। मंगलवार सुबह छह बजे कानपुर से पांच गाड़ियों में आई सीजीएसटी की टीम ने कस्बे की पुरानी गल्ला मंडी में गुटखा व्यवसायी जगत गुप्ता व उनके भाई प्रदीप गुप्ता के कारखाने, आवास के साथ कानपुर समेत पांच जगह छापेमारी की थी। टीम को बैंक पासबुक, बांड, श्ोयर प्रपत्र व प्रापर्टी के कागजात भी मिले। डिप्टी कमिश्नर बृजेंद्र कुमार मीणा ने बताया, तमाम खामियां मिली हैं।










