रायपुर, 12 दिसंबर 2025/राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो वर्ष के शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जनगारण्टियों पर जनता ने जो भरोसा जताया, सरकार ने उसे पूर्ण निष्ठा से निभाया है। इन दो वर्षों में जनता का विश्वास और भी मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। किसानों के लिए धान खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से जारी है, जिससे खेती को लाभदायक बनाया गया है।
महतारी वंदन योजना को महिला सशक्तीकरण की ऐतिहासिक पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है।
जनजातीय समाज के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया, जिससे 13 लाख संग्रहकर्ता परिवारों को लाभ मिला। चरणपादुका योजना पुनः शुरू की गई और 73 लाख परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू की गई है। पीएससी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। वर्तमान में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने नक्सल उन्मूलन के प्रयासों की प्रगति बताते हुए कहा कि दो वर्षों में 505 नक्सली मारे गए, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार किए गए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से सुदूर गांवों तक राशन, बिजली, सड़क, आधार व आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल फिर संचालित हुए हैं और बस्तर पंडुम, इको-टूरिज्म तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना और तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों के विकास को नई दिशा दी गई है।
सुशासन को मजबूत बनाने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए। अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस, डिजिटल गवर्नेंस और अभिसरण विभाग के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और भी प्रभावी हुई है।
औद्योगिक विकास के लिए नई औद्योगिक नीति लागू हुई। 231 प्रावधान अपराधमुक्त किए गए, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। राज्य में लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है और 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और नए जीएसटी कार्यालयों के माध्यम से व्यापारियों को राहत मिली है।
शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, शिक्षा सिटी, अत्याधुनिक लाइब्रेरी और खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे और सामाजिक अवसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिली है, जिससे राज्य के प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। विशाखापट्टनम और रांची एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम जारी है। राष्ट्रीय राजमार्गों की 37 परियोजनाओं पर 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक व्यय किया जा रहा है।
एयर कनेक्टिविटी के विस्तार के तहत अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया है और बिलासपुर, जगदलपुर तथा अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू की गई हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी विस्तार के लिए बजट प्रावधान किया गया है।
सरकार सामाजिक-आर्थिक सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य कर रही है। 200 यूनिट तक बिजली पर सब्सिडी दी जा रही है और सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राज्य और केंद्र दोनों का योगदान है। शहरी मध्यम वर्ग को किफायती भूखंड देने के लिए किफायती जन आवास नियम लागू किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन दस्तावेज के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास की इस तेज़ गति का लाभ हर नागरिक को मिल रहा है। प्रेसवार्ता के अंत में उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार आगे भी छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित है।










