रायपुर। भारत की प्रमुख एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों के मुताबिक, कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 105 प्रतिशत बढ़कर 6,187 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का EBITDA 83 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,192 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी ने दूसरी तिमाही में 22,066 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 15,670 करोड़ रुपये की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। अधिक उत्पादन मात्रा और बेहतर मार्केटिंग मिक्स ने कंपनी की आय में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खास बात यह है कि लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) की कीमतों में नरमी के बावजूद कंपनी ने लगातार दूसरी तिमाही में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का EBITDA हासिल किया।
वेदांता एल्युमीनियम ने वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी बैलेंस शीट को भी मजबूत किया है। कंपनी का शुद्ध कर्ज पिछली तिमाही की तुलना में 3,090 करोड़ रुपये कम हुआ है। इसके साथ ही शुद्ध कर्ज और EBITDA का अनुपात वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के 0.9 गुना से सुधरकर 0.7 गुना हो गया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूती देते हुए इंडिया रेटिंग्स ने इसकी क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड कर AA+ (स्टेबल) कर दिया है। वहीं, ICRA और CRISIL ने भी कंपनी की मौजूदा रेटिंग की पुष्टि की है।
# एल्युमीनियम उत्पादन में बनाया नया रिकॉर्ड
परिचालन के मोर्चे पर भी कंपनी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। दूसरी तिमाही में वेदांता एल्युमीनियम का कुल एल्युमीनियम उत्पादन 649 किलो टन (KT) रहा, जो कंपनी का अब तक का सबसे अधिक तिमाही उत्पादन है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि से 5 प्रतिशत और पिछली तिमाही से 3 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी का वैल्यू एडेड एल्युमीनियम उत्पादन भी रिकॉर्ड 432 किलो टन तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वहीं, एल्यूमिना उत्पादन 895 किलो टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। इन आंकड़ों से कंपनी की उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता में हुई प्रगति का पता चलता है।
# बाल्को विस्तार और बॉक्साइट संसाधनों पर फोकस
कंपनी अपनी एकीकृत एल्युमीनियम उत्पादन रणनीति को आगे बढ़ाते हुए उत्पादन क्षमता और कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत करने पर काम कर रही है। इसी दिशा में बाल्को के 435 किलो टन प्रति वर्ष (KTPA) विस्तार प्रोजेक्ट का दूसरा जोन चालू कर दिया गया है।
इसके अलावा, सिजिमाली बॉक्साइट ब्लॉक के लिए कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की मंजूरी भी मिल गई है। कंपनी के मुताबिक, ये दोनों उपलब्धियां उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एल्युमीनियम वैल्यू चेन को मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं।
# कंपनी प्रबंधन ने क्या कहा?
वेदांता एल्युमीनियम के पूर्णकालिक निदेशक एवं CEO राजेश कुमार ने कहा कि दूसरी तिमाही का प्रदर्शन कंपनी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और एकीकृत एल्युमीनियम कारोबार बनाने की दिशा में जारी प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने रिकॉर्ड एल्युमीनियम और एल्यूमिना उत्पादन हासिल किया है।
उन्होंने बताया कि बाल्को विस्तार के दूसरे जोन का संचालन शुरू होना और बॉक्साइट संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में मिली प्रगति कंपनी की एकीकृत उत्पादन व्यवस्था को और मजबूत करेगी। कंपनी का फोकस लागत प्रतिस्पर्धात्मकता, बेहतर परिचालन और वैल्यू एडेड उत्पादों के पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर बना हुआ है।
वहीं, वेदांता एल्युमीनियम के CFO अनूप अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ने दूसरी तिमाही में 22,066 करोड़ रुपये का राजस्व, 10,192 करोड़ रुपये का EBITDA और 6,187 करोड़ रुपये का कर पश्चात लाभ दर्ज किया है। अनुशासित नकदी प्रबंधन और पूंजी आवंटन के चलते कंपनी तिमाही के दौरान अपना शुद्ध कर्ज 3,090 करोड़ रुपये कम करने में सफल रही।
उन्होंने कहा कि क्रेडिट रेटिंग में सुधार और मजबूत बैलेंस शीट के साथ कंपनी अपनी विकास एवं एकीकरण परियोजनाओं को वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए आगे बढ़ाने की स्थिति में है।
# नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रगति
वेदांता एल्युमीनियम ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपने पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ESG) लक्ष्यों की दिशा में भी प्रगति दर्ज की है। कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा खपत वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के 312 मेगावाट से बढ़कर 415 मेगावाट हो गई है। इसके साथ ही कुल ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 7.3 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत पहुंच गई है।
कंपनी के अनुसार, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के 16.54 से घटकर 16.42 हो गई है। इसके अलावा, परिचालन स्मेल्टर इकाइयों ने 1.06 वॉटर पॉजिटिविटी हासिल की है। जल संरक्षण और संसाधनों के पुनर्चक्रण से जुड़ी पहलों को भी आगे बढ़ाया गया है।
# राष्ट्रीय स्तर पर मिले कई पुरस्कार और सम्मान
वित्तीय और परिचालन उपलब्धियों के साथ कंपनी की विभिन्न इकाइयों को ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं।
बाल्को को ऊर्जा संरक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया के तीसरे कन्वेंशन ऑन एनर्जी कंजर्वेशन 2026 में राष्ट्रीय सम्मान मिला है। वहीं, वेदांता एल्युमीनियम की झारसुगुड़ा इकाई को CII एनर्जी एफिशिएंसी समिट 2026 में सम्मानित किया गया।
लांजीगढ़ इकाई को जल संरक्षण और आजीविका विकास से जुड़ी पहल ‘प्रोजेक्ट संगम’ के लिए 12वें ग्रीनटेक CSR इंडिया अवॉर्ड्स 2026 में गोल्ड अवॉर्ड मिला है।
सुरक्षा और कारोबारी उत्कृष्टता के क्षेत्र में झारसुगुड़ा की थर्मल पावर प्लांट (TPP), कैप्टिव पावर प्लांट (CPP) और स्मेल्टर इकाइयों को ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल का फाइव स्टार ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी ऑडिट अवॉर्ड प्राप्त हुआ है। लांजीगढ़ इकाई को आठवें ICC नेशनल ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी अवॉर्ड्स 2026 में गोल्ड अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा, बाल्को ने CII नेशनल 3M प्रतियोगिता में अपने सुधार संबंधी कार्यों के लिए प्लेटिनम अवॉर्ड हासिल किया है।










